India News: तेलुगु सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नागार्जुन अक्किनेनी को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि उनके नाम, चेहरा, समानता और छवि का व्यावसायिक इस्तेमाल या दुरुपयोग बिना अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। यह आदेश वेबसाइट्स, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया पर भी लागू होगा।
अनधिकृत उपयोग से हो रहा था नुकसान
नागार्जुन ने अपनी याचिका में कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री में 40 साल से अधिक समय और लगभग 95 फिल्मों के जरिए उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उनकी छवि का अनुचित इस्तेमाल जनता को गुमराह कर रहा है और साथ ही उनके ब्रांड वैल्यू और प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचा रहा है। उनके वकीलों ने कोर्ट को बताया कि कई विक्रेता ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उनकी तस्वीरों का उपयोग कर टी-शर्ट और अन्य उत्पाद बेच रहे थे।
एआई और डीपफेक पर चिंता
कोर्ट के सामने यह भी प्रमुख मुद्दा आया कि कुछ संस्थाएं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक तकनीकों का दुरुपयोग कर अभिनेता की छवि से अनुचित सामग्री बना रही थीं। न्यायालय ने साफ कहा कि इंटरनेट पर एक बार गलत कंटेंट आने के बाद एआई मॉडल इसे इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे व्यक्ति की प्रतिष्ठा को गहरा नुकसान पहुंच सकता है।
72 घंटे में हटेगा कंटेंट
न्यायमूर्ति तेजस करिया ने आदेश दिया कि सभी पहचाने गए लिंक और यूआरएल को 72 घंटे के भीतर हटाया जाए या ब्लॉक किया जाए। साथ ही ई-कॉमर्स वेबसाइट्स को निर्देशित किया गया कि वे उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं की जानकारी दो सप्ताह के भीतर सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपें।
मनोरंजन जगत के लिए मिसाल
कोर्ट ने कहा कि किसी भी सेलिब्रिटी की छवि या व्यक्तित्व अधिकारों का शोषण उनके आर्थिक हितों और सम्मानजनक जीवन के अधिकार का उल्लंघन है। इस फैसले को मनोरंजन उद्योग के लिए एक मिसाल माना जा रहा है। माना जा रहा है कि यह भविष्य में अन्य कलाकारों और मशहूर हस्तियों की पहचान और प्रतिष्ठा की सुरक्षा के लिए भी अहम साबित होगा।
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 23 जनवरी 2026 को तय कर दी है।



