India News: मुंबई हमले का साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा ने पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे किए हैं। राणा ने खुलासा किया है कि उसके सहयोगी डेविड कोलमैन हेडली ने लश्कर-ए-तैयबा के साथ कई आतंकी प्रशिक्षण सत्रों में हिस्सा लिया था, जो मुख्य रूप से एक जासूसी नेटवर्क के रूप में काम करता था।
जैश और आईएसआई के बीच गहरे सांठ-गांठ का किया खुलासा
मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने राणा के बयान दर्ज किए हैं, जिसमें उसने स्वीकार किया कि उसने 2008 के हमले से पहले मुंबई के कई अहम स्थानों की रेकी की थी। राणा ने अपने इमिग्रेशन बिजनेस के जरिए हेडली को मुंबई में एक फर्जी ऑफिस खोलने में मदद की थी, जिसका इस्तेमाल हमले की साजिश रचने के लिए किया गया था।
मीडिया रिपोर्ट में एनआईए सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि राणा ने लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के बीच गहरे सांठगांठ की बात उजागर की है। एनआईए ने राणा को 18 दिन की हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू की है, जिसमें उसके और हेडली के बीच ईमेल, यात्रा रिकॉर्ड और अन्य सबूतों का विश्लेषण किया जा रहा है। राणा पर आपराधिक साजिश, हत्या, आतंकवादी कृत्य और जालसाजी जैसे गंभीर आरोप हैं।
एनआईए ने कहा कि राणा की पूछताछ से हमले के पीछे की व्यापक साजिश का खुलासा हो सकता है, जिसमें दिल्ली समेत अन्य शहरों को निशाना बनाने की योजना थी। पूर्व लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम ने कहा कि राणा का प्रत्यर्पण पाकिस्तान के सुरक्षा तंत्र की संलिप्तता को उजागर करने में अहम साबित होगा। यह भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत है, जो 166 लोगों की जान लेने वाले इस हमले के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने की दिशा में एक कदम है।



