India News: देशभर में श्री सत्य साईं बाबा की जन्म शताब्दी समारोह की गूंज है, और इसी बीच ‘मोदी आर्काइव’ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक दिलचस्प पुराना प्रसंग साझा कर लोगों में उत्सुकता बढ़ा दी है। पोस्ट के अनुसार, पीएम मोदी का साईं बाबा से गहरा आध्यात्मिक संबंध रहा है और दोनों ने कई बार देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत की थी।
मोदी और साईं बाबा का दुर्लभ संवाद फिर चर्चा में
मोदी आर्काइव द्वारा साझा की गई जानकारी में बताया गया कि वर्ष 2001 में जब गुजरात में विनाशकारी भूकंप आया था, तब नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री नहीं थे। इसके बावजूद उन्होंने राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। इस दौरान श्री सत्य साईं बाबा और उनके स्वयंसेवक भी राहत कार्यों में जुटे थे और उन्होंने मोदी से सहयोग व मार्गदर्शन मांगा था। बाबा के नेतृत्व में हजारों स्वयंसेवकों ने दिन-रात राहत शिविरों में काम किया, जो ‘मानव सेवा ही माधव सेवा’ के सिद्धांत की जीवंत मिसाल बना।
भूकंप राहत में साथ आए थे मोदी और बाबा के सेवक
बताया जाता है कि एक बार नरेंद्र मोदी ने सत्य साईं बाबा से देश के भविष्य को लेकर चिंता जताई थी, तब बाबा मुस्कुराए और बोले—“देश का भविष्य उज्ज्वल है।” यह वाक्य मोदी के लिए जीवन भर प्रेरणा बन गया। पीएम मोदी आज भी इसी विचार—सेवा में शक्ति—को अपने कार्य दर्शन का केंद्र मानते हैं।
19 नवंबर को पीएम मोदी करेंगे शताब्दी समारोह में शिरकत
वहीं प्रधानमंत्री मोदी 19 नवंबर को आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साईं जिले में आयोजित जन्म शताब्दी समारोह में भाग लेंगे। इस अवसर पर वे सत्य साईं बाबा की स्मृति में स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट जारी करेंगे। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के साथ साईं बाबा की समाधि पर श्रद्धा-सुमन भी अर्पित करेंगे और कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे।



