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Haridwar, (Uttarakhand): भईया, रातों-रात अमीर बनने का चस्का और मोबाइल गेमिंग की लत किस कदर एक हंसते-खेलते परिवार को बर्बाद कर सकती है, इसका जीता-जागता और खौफनाक उदाहरण उत्तराखंड के झबरेड़ा से सामने आया है। यहां एक 18 साल के बीसीए छात्र ने वो कर डाला जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। इस लड़के ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के चक्कर में अपने किसान पिता की मेहनत और खून-पसीने की कमाई के 1.77 करोड़ रुपये पानी की तरह बहा दिए।
मामला तब खुला जब ठगी का अहसास होने पर इस लड़के ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान देने की कोशिश की। खुदा का शुक्र है कि समय रहते उसे अस्पताल पहुंचा दिया गया और उसकी जान बच गई। अब आप पूछेंगे कि इतना पैसा आया कहां से? तो जान लीजिए, ये वो भारी-भरकम रकम थी जो उसके पिता को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन देने के बदले मुआवजे के रूप में मिली थी।
बताया जा रहा है कि इस युवक, जिसका नाम अभिमन्यु है, उसने जनवरी 2025 में कुछ गेमिंग और प्रेडिक्शन ऐप्स डाउनलोड किए थे। शातिर ठगों ने उसे ‘वीआईपी लिंक’ और कम पैसे लगाकर डबल मुनाफा कमाने का झांसा दिया। शुरुआत में तो उसे थोड़ा लालच दिया गया, लेकिन फिर विदेशी नंबरों से आए मैसेज के जाल में वो ऐसा फंसा कि उसने एक साल के भीतर अपने और पिता के पांच बैंक खातों से किश्तों में करोड़ों रुपये लुटेरों के हवाले कर दिए।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि ठगों ने उसे पूरी तरह अपने काबू में कर लिया था। हद तो तब हो गई जब उसने वो मोबाइल भी बेच दिया जिससे उसने ये सारे लेनदेन किए थे। फिलहाल देहरादून साइबर क्राइम पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उन बैंक खातों की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। ये मामला हम सबके लिए एक बड़ी चेतावनी है कि कैसे डिजिटल दुनिया का ये ‘सट्टे वाला जहर’ हमारी नई पीढ़ी को लील रहा है।
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