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Ranchi News: झारखंड में सरकारी नौकरियों की प्रतीक्षा कर रहे लाखों युवाओं की निराशा अब आंदोलन का रूप ले रही है। शनिवार को झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JSSA) ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए डुमरी के विधायक जयराम महतो को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने मांग की है कि JPSC की परीक्षाएं नियमित रूप से आयोजित की जाएं ताकि युवाओं का भविष्य अंधकारमय न हो।
एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण शुक्ला ने बताया कि झारखंड गठन को 25 साल पूरे होने को हैं, लेकिन इतने वर्षों में JPSC केवल 7 बार ही नियमित परीक्षाएं आयोजित कर पाया है। इसके कारण हजारों छात्र आयुसीमा पार कर चुके हैं और मानसिक तनाव में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा की बात नहीं है, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य का सवाल है।
छात्रों ने ज्ञापन में मांग की कि JPSC की परीक्षाएं हर साल निश्चित समय पर कराई जाएं, लंबित 15 परीक्षाओं की तिथि जल्द घोषित की जाए, और उम्र सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को विशेष छूट दी जाए। इसके अलावा छात्रों ने 6 महीने में परीक्षा आयोजित करने का वादा निभाने की भी सरकार से मांग की।
विधायक जयराम महतो ने छात्रों की बातों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि वह यह मुद्दा विधानसभा में पूरी ताकत से उठाएंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य दांव पर नहीं लगाया जा सकता। JPSC जैसे संवैधानिक संस्थानों की निष्क्रियता पर सरकार को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
इस दौरान छात्र संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर JPSC की कार्यशैली में शीघ्र सुधार नहीं हुआ, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी झारखंड के युवाओं के लिए सबसे बड़ी चिंता बन चुकी है, और यदि सरकार और आयोग ने समय पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
छात्रों ने यह भी कहा कि केवल भर्ती प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि इससे झारखंड की प्रशासनिक दक्षता और सुशासन की दिशा भी तय होती है। ऐसे में सरकार को JPSC की जवाबदेही तय करनी चाहिए और युवाओं को उनके अधिकार मिलने चाहिए।

