India News: पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने इस बार मालदा जिले के जलालपुर कस्बे में होने वाले ऐतिहासिक रथ मेला के आयोजन की अनुमति नहीं दी है। यह मेला 629 वर्षों से हर वर्ष श्री महाप्रभु मंदिर के पास आयोजित होता आ रहा है और स्थानीय हिंदू समुदाय के लिए आस्था और संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा है।

हालांकि प्रशासन ने केवल रथ यात्रा निकालने की अनुमति दी है, लेकिन मेले के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह मेला आमतौर पर एक सप्ताह तक चलता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने दावा किया है कि बीते वर्षों में मेले के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा गंभीर आपराधिक घटनाएं हुई हैं, जिनमें हत्या जैसे मामलों की भी पुष्टि हुई है। इन्हीं कारणों से मेले को लेकर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका जताई गई है।

प्रशासन के इस फैसले से हिंदू समुदाय में रोष है। लोगों का कहना है कि ममता सरकार ने पहली बार सदियों पुरानी परंपरा को बाधित किया है, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।

स्थानीय नागरिकों और मंदिर प्रबंधन समिति का आरोप है कि सरकार एकतरफा निर्णय लेकर परंपराओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर रथ यात्रा की अनुमति दी जा सकती है, तो फिर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाकर मेला भी आयोजित किया जा सकता था। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में धार्मिक आयोजनों और सरकारी हस्तक्षेप को लेकर पहले से ही बहस छिड़ी हुई है।

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