Health Desk: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में एसिडिटी, गैस, खट्टी डकार और सीने में जलन एक आम समस्या बन गई है। अक्सर लोग इसके लिए तेल-मसाले या ओवरईटिंग को जिम्मेदार ठहराते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। कई मामलों में इन समस्याओं की असली वजह पेट में एसिड का ज्यादा होना नहीं, बल्कि ‘लो स्टमक एसिड’ (Low Stomach Acid) होता है।
पाचन के लिए क्यों जरूरी है एसिड?
पेट में बनने वाला हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) भोजन को तोड़ने, प्रोटीन को पचाने और विटामिन बी12 जैसे जरूरी पोषक तत्वों को अवशोषित करने में मुख्य भूमिका निभाता है। जब इस एसिड का स्तर कम हो जाता है, तो पाचन प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। नतीजा यह होता है कि भोजन पेट में अधिक समय तक अधपचा पड़ा रहता है, जिससे गैस बनने लगती है और पेट पर दबाव बढ़ जाता है। यही दबाव भोजन और एसिड को गले की नली (Esophagus) की ओर धकेलता है, जिसे लोग गलती से ‘हाई एसिडिटी’ समझ लेते हैं।
क्यों घट जाता है स्टमक एसिड?
विशेषज्ञों के मुताबिक, उम्र बढ़ने के साथ एसिड का स्तर स्वाभाविक रूप से कम होने लगता है। इसके अलावा लंबे समय तक एंटासिड (Antacid) दवाओं का सेवन, अत्यधिक तनाव, जिंक की कमी और विटामिन बी12 का अभाव भी इसके लिए जिम्मेदार है। अनियमित खानपान और प्रोसेस्ड फूड का सेवन इस समस्या को और गंभीर बना देता है।
बचाव के आसान और असरदार उपाय: एसिडिटी और गैस से बचने के लिए विशेषज्ञ कुछ जीवनशैली बदलावों की सलाह देते हैं:
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थोड़ा-थोड़ा खाएं: एक बार में भारी भोजन करने के बजाय दिनभर में छोटे-छोटे अंतराल पर खाएं।
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तुरंत न लेटें: खाना खाने के तुरंत बाद लेटने की आदत छोड़ें और कम से कम 20-30 मिनट टहलें।
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हाइड्रेटेड रहें: पर्याप्त पानी पिएं, यह पाचन तंत्र को सुचारू रखता है।
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तनाव प्रबंधन: योग, प्राणायाम और ध्यान को दिनचर्या में शामिल करें, क्योंकि तनाव कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ाकर पाचन बिगाड़ देता है।
डॉक्टर की सलाह है जरूरी
यदि आपको रोज एसिडिटी होती है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें। बिना सही जांच के बार-बार गैस की दवाएं लेना नुकसानदायक हो सकता है। यह ‘लो स्टमक एसिड’ या किसी अन्य गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है, जिसके लिए विशेषज्ञ से परामर्श लेना ही बेहतर है।
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