जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम): लौहनगरी जमशेदपुर के आजाद नगर थाने में खाकी एक बार फिर विवादों के घेरे में है। स्थानीय निवासी मजहर खान ने थाना प्रभारी चंदन कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों पर सत्ता के दुरुपयोग और अमानवीय व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है। न्याय की मांग को लेकर सोमवार को पीड़ित मजहर खान ने उपायुक्त (डीसी) कार्यालय के बाहर धरना दिया और वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।

क्या है पूरा मामला

पीड़ित मजहर खान के अनुसार, घटना 4 अप्रैल 2026 की शाम की है। उन्हें सूचना मिली थी कि उनके मित्र शाहिद को पुलिस ने बिना किसी ठोस कानूनी आधार के हिरासत में रखा है और थाने के भीतर उसके साथ मारपीट की जा रही है। एक जागरूक नागरिक और मित्र होने के नाते, मजहर रात करीब 7:30 बजे वस्तुस्थिति जानने के लिए आजाद नगर थाना पहुंचे।

मदद मांगने पर मिली ‘यातना’

आरोप है कि जब मजहर ने पुलिस से शाहिद पर की जा रही कार्रवाई की वैधानिक जानकारी मांगी, तो थाना प्रभारी चंदन कुमार आगबबूला हो गए। मजहर का दावा है कि उन्हें जबरन केबिन में खींच लिया गया, जहाँ उनके साथ गाली-गलौज की गई। आरोप बेहद संगीन हैं— मजहर का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने उनसे ₹2000 नगद और उनका मोबाइल फोन छीन लिया और कमरे में बंद कर उन्हें बेरहमी से पीटा।

सीसीटीवी फुटेज से जांच की मांग

पीड़ित ने बताया कि शोर मचाने और विरोध करने के बाद किसी तरह उनकी जान बची। बाद में उनके साथियों ने उन्हें घायल अवस्था में एमजीएम अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। मजहर खान ने प्रशासन से मांग की है कि थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाए, जिससे पुलिसिया क्रूरता का सच सबके सामने आ सके।

मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा

मजहर ने इस पूरी घटना को मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन करार दिया है। उन्होंने एसएसपी को दिए आवेदन में संबंधित पुलिसकर्मियों के तत्काल निलंबन, गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की है। फिलहाल, इस विरोध प्रदर्शन और गंभीर आरोपों के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। पीड़ित ने यह भी अंदेशा जताया है कि पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उनके और उनके परिवार की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

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