Indian News: उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली क्षेत्र में शुक्रवार देर रात को आई आपदा ने भारी तबाही मचाई। जानकारी के अनुसार रात करीब 12:48 बजे टुनरी गदेरे में अचानक बाढ़ आ गई। इस आपदा की चपेट में थराली बाजार, कोटदीप तहसील परिसर और आसपास के कई घर आ गए। देखते ही देखते मलबा दुकानों, घरों और सरकारी दफ्तरों में घुस गया। कई वाहन भी मलबे में दब गए।
अतिवृष्टि से आई इस त्वरित बाढ़ ने थराली तहसील और चेपड़ों बाजार में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं और सड़कें मलबे से भर गईं। थराली-ग्वालदम मोटर मार्ग भी मिंग्गदेरा के पास बंद हो गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरा दुख जताया और कहा कि राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और पुलिस को तत्काल राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि वे लगातार स्थानीय प्रशासन से संपर्क में हैं और खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य के लिए तहसील प्रशासन, पुलिस, डीडीआरएफ और फायर सर्विस की टीमें घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं। वहीं, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और एसएसबी की टीमें भी थराली रवाना हो चुकी हैं।
इस आपदा के बाद एहतियातन थराली, देवाल और नारायणबगड़ ब्लॉक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। स्थानीय लोग अब भी भयभीत हैं क्योंकि मलबा कई जगह फैला हुआ है और खोज-बचाव अभियान जारी है।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि पहाड़ी इलाकों में बादल फटने और गदेरे में अचानक बाढ़ आने से किस तरह पल भर में भारी तबाही मच सकती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील की है।



