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Health Desk: पिछले कुछ दशकों में मेडिकल क्षेत्र में जो सबसे बड़ा बदलाव आया है, वह है पारंपरिक सर्जिकल ब्लेड की जगह ‘लेजर लाइट’ का बढ़ता उपयोग। आज आंखों की रोशनी ठीक करनी हो, किडनी की पथरी निकालनी हो या त्वचा का उपचार करना हो—डॉक्टर लेजर को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, लेजर की सटीकता (Precision) इसकी सबसे बड़ी ताकत है, जो इसे आधुनिक सर्जरी का ‘गोल्ड स्टैंडर्ड’ बनाती है।
लेजर क्यों है इतना प्रभावी?
लेजर लाइट साधारण प्रकाश से अलग होती है। यह पूरी तरह फोकस्ड, एक ही दिशा में गमन करने वाली और उच्च ऊर्जा (High Energy) वाली होती है। यही वजह है कि यह शरीर के भीतर सूक्ष्म स्तर पर जाकर काम कर सकती है।
लेजर सर्जरी के प्रमुख लाभ:
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अत्यधिक सटीकता (Unmatched Precision): लेजर पारंपरिक ब्लेड के मुकाबले कहीं अधिक नियंत्रित तरीके से टिश्यूज को काटता है। इससे स्वस्थ टिश्यूज को नुकसान पहुंचने का खतरा न के बराबर होता है।
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कम रक्तस्राव (Coagulation): यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के अनुसार, जब लेजर टिश्यूज को काटता है, तो वह उसी समय छोटी रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को सील भी कर देता है। इस प्रक्रिया को ‘कोएगुलेशन’ कहते हैं, जिससे सर्जरी के दौरान खून बहुत कम बहता है।
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संक्रमण का कम खतरा (Reduced Infection Risk): लेजर सर्जरी में सर्जिकल उपकरणों का शरीर से सीधा संपर्क कम होता है, जिससे बैक्टीरिया फैलने की संभावना घट जाती है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के मानकों के अनुसार, यह तकनीक पोस्ट-ऑपरेटिव इंफेक्शन को कम करने में काफी मददगार है।
फास्ट रिकवरी और कम दर्द
पारंपरिक सर्जरी के मुकाबले लेजर सर्जरी कराने वाले मरीज जल्दी रिकवर होते हैं। छोटे कट और कम सूजन के कारण ऑपरेशन के बाद होने वाला दर्द भी न्यूनतम होता है। विशेषकर नेत्र विज्ञान (Ophthalmology) में मोतियाबिंद और रेटिना के उपचार के लिए इसे सबसे सुरक्षित माना जाता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी के अनुसार, लेजर ने आंखों की जटिल सर्जरी को बेहद आसान और प्रभावी बना दिया है।
विशेषज्ञों की राय
हालांकि लेजर तकनीक के अनगिनत फायदे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी सफलता पूरी तरह से ऑपरेशन करने वाले सर्जन के अनुभव और अस्पताल के प्रोटोकॉल पर निर्भर करती है। इसलिए हमेशा अनुभवी और क्वालिफाइड विशेषज्ञों से ही लेजर ट्रीटमेंट कराने की सलाह दी जाती है।

