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India News: कानून की रक्षा करने वाली वर्दी जब खुद अपराध के घेरे में आ जाए, तो समाज का विश्वास डगमगा जाता है। केरल के कोल्लम जिले से एक ऐसी ही झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक महिला पुलिसकर्मी ने अपने ही सहकर्मी पर दुष्कर्म का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी पुलिस कमिश्नर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सिविल पुलिस अधिकारी नवास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह पूरी घटना नींदाकारा कोस्टल पुलिस स्टेशन में प्रतिनियुक्ति के दौरान हुई, जिसने पुलिस बल के भीतर सुरक्षा और अनुशासन पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।
ड्यूटी के बाद पुलिस परिसर में हुई वारदात, ‘जीरो टॉलरेंस’ के तहत कार्रवाई
पीड़िता के अनुसार, यह कथित घटना 6 नवंबर की है। महिला अधिकारी अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद शौचालय की ओर गई थी, तभी आरोपी नवास ने उसे अपना निशाना बनाया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस घृणित अपराध को पुलिस परिसर के भीतर ही अंजाम दिया गया। महिला अधिकारी ने सीधे पुलिस कमिश्नर से मिलकर अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद चवारा पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
निलंबन आदेश जारी करते हुए पुलिस कमिश्नर ने सख्त लहजे में कहा कि नवास के इस कृत्य ने पूरे पुलिस बल की छवि को धूमिल किया है और वर्दी की गरिमा को भारी ठेस पहुंचाई है। विभाग ने साफ कर दिया है कि ऐसे मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। फिलहाल आरोपी के खिलाफ विभागीय जांच तेज कर दी गई है और कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है। इस घटना के बाद से पुलिस महकमे में महिला कर्मियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।

