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Bokaro News: कुड़मी समाज के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में आदिवासी नेत्री ज्योत्सना केरकेट्टा पर मामला दर्ज किया गया है। शुक्रवार को कुड़मी समाज की जिला इकाई ने चास मुफ्फसिल थाना में लिखित शिकायत देकर यह एफआईआर करवाई।
जानकारी के मुताबिक, यह विवाद 8 अक्टूबर को बोकारो जिला समाहरणालय में आयोजित “आदिवासी समाज के जनाक्रोश महारैली” के दौरान दिए गए ज्योत्सना केरकेट्टा के भाषण से जुड़ा है। आरोप है कि उन्होंने अपने संबोधन में जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और कुड़मी समाज को लेकर अमर्यादित टिप्पणी की।
उनका यह भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद कुड़मी समाज में भारी आक्रोश फैल गया। समाज के नेताओं का कहना है कि ज्योत्सना केरकेट्टा का बयान सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला है और इससे जातीय तनाव बढ़ सकता है।
शुक्रवार को कुड़मी समाज के दर्जनों सदस्य थाना पहुंचे और दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। आवेदन सौंपने वालों में लालू महतो, अरुण महतो, मनोज महतो, कुमोद महतो, सरोज महतो, सुबल महतो और कई अन्य शामिल थे।
पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो की भी जांच की जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में कुड़मी समाज द्वारा एसटी (अनुसूचित जनजाति) में शामिल किए जाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज हुआ है, जबकि आदिवासी समाज इस मांग का विरोध कर रहा है। इसी पृष्ठभूमि में दिया गया यह बयान अब नए विवाद की वजह बन गया है।

