Patna News: बिहार की न्यायिक व्यवस्था के लिए बुधवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा। पटना उच्च न्यायालय को अपना नया मुखिया मिल गया है। राजभवन (लोक भवन) के दरबार हॉल में आयोजित एक गरिमामय समारोह में न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू ने पटना हाईकोर्ट के 47वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हें शपथ दिलाई। न्यायमूर्ति साहू ने न्यायमूर्ति पी.बी. बजंथ्री के स्थान पर यह कार्यभार संभाला है।

नीतीश और दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में शपथ

शपथ ग्रहण समारोह में राज्य की तमाम बड़ी राजनीतिक और न्यायिक हस्तियां मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार और वरिष्ठ मंत्री विजय चौधरी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीशों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने नए मुख्य न्यायाधीश का गर्मजोशी से स्वागत किया। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 18 दिसंबर 2025 की सिफारिश के बाद न्यायमूर्ति साहू के नाम पर मुहर लगाई थी।

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विरासत में मिला कानून का ज्ञान

1964 में जन्मे न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू का कानून से रिश्ता काफी पुराना है। उन्हें न्याय की समझ विरासत में मिली है; उनके पिता शरत चंद्र साहू ओडिशा के प्रसिद्ध फौजदारी (Criminal Law) विशेषज्ञ थे। न्यायमूर्ति साहू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ओडिशा से पूरी की और उत्कल विश्वविद्यालय से दो विषयों में एमए करने के बाद वकालत की दुनिया में कदम रखा। 1989 में बार काउंसिल में पंजीकृत होने के बाद उन्होंने फौजदारी मामलों में अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बनाई।

ओडिशा से पटना तक का सफर

2 जुलाई 2014 को ओडिशा उच्च न्यायालय में न्यायाधीश नियुक्त होने के बाद, न्यायमूर्ति साहू ने कई ऐतिहासिक फैसले सुनाए। अब बिहार के मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनके सामने लंबित मामलों के निपटारे और न्यायिक पारदर्शिता को और बेहतर करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। वकालत के अपने शुरुआती दिनों में डॉ. मनोरंजन पंडा जैसे विशेषज्ञों के साथ काम करने का उनका अनुभव बिहार की न्यायिक प्रक्रिया को नई गति देने की उम्मीद जगाता है।

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