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Jamshedpur News: जुगसलाई थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग की वारदात को पुलिस ने सिर्फ छह घंटे में सुलझाकर बड़ी कामयाबी हासिल की है। शहर में दहशत फैलाने के मकसद से हुई इस घटना के दो मुख्य आरोपी—सन्नी सिंह उर्फ सन्नी सिंह सरदार और रॉकी मिश्रा—को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों की गिरफ्तारी के बाद इलाके में फैली बेचैनी कुछ हद तक शांत हुई है।
वर्चस्व स्थापित करने के लिए चली थी गोली
सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि दोनों आरोपियों की निशानदेही पर एक लोडेड देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। जांच में पता चला कि हाल ही में जेल से बाहर आया सन्नी सिंह जुगसलाई और आसपास के इलाकों में खुद का नया गैंग खड़ा करने की कोशिश कर रहा था। फायरिंग उसी योजना का हिस्सा थी, ताकि वह अपने विरोधियों को डराकर इलाके में अपनी पकड़ मजबूत कर सके। एसपी ने कहा कि सन्नी को जेल में रहते हुए दीपक सिंह की ओर से किसी तरह की मदद नहीं मिली थी। इसी रंजिश को लेकर उसने दीपक सिंह को धमकाया और उस पर गोली चलाई।
तीन आरोपी अभी भी फरार, लगातार छापेमारी
पुलिस के अनुसार, इस फायरिंग में कुल पांच लोग शामिल थे। गिरफ्तार दो आरोपियों के अलावा तीन अन्य—राहुल सिंह उर्फ अंतिम पाई, सुजल कुमार गुप्ता और अभिषेक कुमार उर्फ आजाद गिरी—अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। टीमें लगातार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
लंबा आपराधिक इतिहास भी सामने आया
एसपी के मुताबिक, सन्नी सिंह पर हत्या सहित छह आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। रॉकी मिश्रा के खिलाफ भी हत्या के प्रयास और अन्य मामलों की फाइलें खुली हैं। यह साफ है कि फायरिंग किसी तत्कालिक विवाद का नतीजा नहीं, बल्कि गैंग तैयार करने की सोची-समझी कोशिश थी। जुगसलाई पुलिस ने आश्वासन दिया है कि फरार आरोपी भी जल्द ही कानून के शिकंजे में होंगे।
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