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Ranchi News: झारखंड विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले ही राज्य की राजनीति गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में हुई NDA विधायक दल की बैठक में राज्य सरकार की विफलताओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के उपरांत, भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग करते हुए स्पष्ट किया कि सदन में जोर-शोर से जनता के ज्वलंत मुद्दों को उठाकर सरकार से कड़ा जवाब मांगा जाएगा।
नवीन जायसवाल ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इन छह वर्षों में झारखंड राज्य 12 कदम पीछे चला गया है और पूरी तरह दिवालिया होने की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि साल भर पहले हुए शिलान्यास पर भी पैसे नहीं मिलने के कारण काम शुरू नहीं हो सका है।
छात्रों और किसानों के मुद्दे सदन में गूंजेंगे
श्री जायसवाल ने दो सबसे बड़े मुद्दों को उठाया:
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छात्रवृत्ति संकट: उन्होंने कहा कि आदिवासी, दलित, पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र लंबे समय से बकाए छात्रवृत्ति के कारण पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। इस पर सरकार परीक्षा शुल्क में अप्रत्याशित वृद्धि कर छात्रों के जले पर नमक छिड़क रही है।
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किसानों की अनदेखी: उन्होंने कहा कि किसानों के पास धान की अच्छी उपज होने के बावजूद वे औने-पौने दाम पर बिचौलियों के माध्यम से धान बेचने को मजबूर हैं। सरकार ने अभी तक क्रय केंद्र खोलने का निर्णय तक नहीं किया है। ₹3200 की घोषणा कर वोट लेने वाली यह सरकार अब ₹2400 में भी धान नहीं खरीद रही है।
7 गारंटी पूरी करने में विफल रही हेमंत सरकार
नवीन जायसवाल ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार अपनी सात गारंटी पूरी करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि चाहे ₹450 में गैस सिलेंडर देने की बात हो या ₹15 लाख का स्वास्थ्य बीमा, कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ, न ही 10 लाख नौकरी मिली। उन्होंने इस सरकार को ‘धोखेबाज सरकार’ करार दिया।
NDA विधायक दल ने फैसला किया है कि ये सभी सवाल सदन में प्रमुखता से उठाए जाएंगे।

