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Jharkhand News: झारखंड सरकार में खेल, युवा कार्य और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें रांची के पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में शुरुआती इलाज के बाद उनकी स्थिति कुछ हद तक स्थिर हुई, लेकिन बेहतर इलाज के लिए शनिवार को उन्हें एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली रेफर कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में उनकी आगे की जांच और इलाज जारी रहेगा। उनके साथ उनका बेटा, भाई और निजी सचिव भी दिल्ली रवाना हुए हैं। पारस अस्पताल से निकलते समय मंत्री हसन खुद पैदल चलकर एंबुलेंस तक पहुंचे, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली कि उनकी हालत अब पहले से ठीक है।
दरअसल, गुरुवार सुबह करीब 10 बजे मंत्री की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उन्हें तुरंत रांची के पारस अस्पताल ले जाया गया। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने उनके स्वास्थ्य को लेकर जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि सीटी स्कैन और अन्य जांच में मंत्री हसन के लंग्स में दिक्कत पाई गई है। साथ ही उन्हें फूड एलर्जी और निमोनिया के लक्षण भी मिले हैं। हालांकि डॉक्टरों ने फिलहाल उन्हें खतरे से बाहर बताया है।
गौरतलब है कि बीते जुलाई महीने में ही हफीजुल हसन की गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में हार्ट सर्जरी हुई थी। सफल सर्जरी के बाद वह रांची लौट आए थे और बेड रेस्ट पर थे। इसी बीच उनकी तबीयत दोबारा बिगड़ गई और उन्हें एक बार फिर दिल्ली रेफर करना पड़ा।
मंत्री के स्वास्थ्य को लेकर झारखंड की राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चिंता का माहौल है। समर्थक और सहयोगी उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं।

