Ranchi News: झारखंड में कड़ाके की ठंड अब आम जनजीवन के लिए आफत बन गई है। हिमालय की चोटियों से टकराकर आ रही बर्फीली हवाओं ने पूरे प्रदेश को अपनी आगोश में ले लिया है। आलम यह है कि शाम ढलते ही सूबे की सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है और लोग अलाव के सहारे रात काटने को मजबूर हैं। राजधानी रांची में भी कनकनी इतनी बढ़ गई है कि सुबह और शाम घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। सबसे बुरा हाल बेघर लोगों का है, जिन्हें आश्रय गृहों में जगह न मिलने के कारण रातू रोड फ्लाईओवर के नीचे ठिठुरते हुए रात बितानी पड़ रही है।

गुमला में 4 डिग्री ने तोड़ा रिकॉर्ड; खूंटी से पलामू तक अलर्ट जारी

पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो गुमला जिला राज्य का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान लुढ़क कर 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खूंटी, लोहरदगा, पलामू, चतरा, गढ़वा, गुमला, हजारीबाग, रामगढ़ और लातेहार समेत 9 जिलों में येलो अलर्ट जारी कर दिया है। इन जिलों में तापमान में अभी 3 से 4 डिग्री की और गिरावट आने की संभावना जताई गई है, जिससे शीतलहर का असर और भी जानलेवा हो सकता है।

आने वाले दिनों में और बढ़ेगी कनकनी; प्रशासन के दावों की खुली पोल

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक राहत के कोई आसार नहीं हैं। पूरे राज्य में न्यूनतम तापमान औसतन 7 से 8 डिग्री के बीच बना हुआ है। ठंड बढ़ने के साथ ही प्रशासन द्वारा किए गए इंतजामों की भी पोल खुलती नजर आ रही है। रैन बसेरों में भारी भीड़ के कारण लोग सड़कों पर सोने को मजबूर हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि इस शीतलहर में विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों का ख्याल रखें, क्योंकि बर्फीली हवाओं के कारण शरीर सुन्न होने और हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ गया है।

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