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Ranchi News : रामगढ़ जिले में आफताब अंसारी की संदिग्ध मौत ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है। जमिअतुल मोमेनिन चौरासी ने आरोप लगाया है कि टाइगर फोर्स के सदस्यों ने आफताब अंसारी की बर्बर पिटाई की और इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। लेकिन हिरासत में लिए जाने के बाद वह लापता हो गया और बाद में उसका शव दामोदर नदी के पास से बरामद हुआ।
जमिअतुल मोमेनिन चौरासी ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए इसे केवल एक साधारण आरोप न मानने की अपील की है। संगठन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को ज्ञापन सौंपकर चार प्रमुख मांगें रखी हैं –
- CBI जांच: पूरे मामले की निष्पक्ष जांच CBI से कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
- मुआवजा: मृतक आफताब अंसारी के परिवार के भरण-पोषण के लिए 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
- सरकारी नौकरी: आफताब अंसारी की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए ताकि परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके।
- टाइगर फोर्स पर प्रतिबंध: संगठन ने टाइगर फोर्स पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
जमिअतुल मोमेनिन चौरासी का प्रतिनिधिमंडल अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफिजूल हसन अंसारी से भी मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से शिष्टाचार मुलाकात कर घटना पर गहरा दुख प्रकट किया और आफताब अंसारी के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोग
इस मौके पर मास्टर सादिक अंसारी, हाजी फारुक, शोएब अंसारी, मोहम्मद जबीउललाह, अतिकुररहमान, फिरोज अख्तर, मोजममिल अंसारी और शकील अंसारी सहित कई सदस्य मौजूद थे।
मीडिया प्रभारी शकील अंसारी ने कहा कि यह घटना केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं बल्कि कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अगर दोषियों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
इस घटना ने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन इसे मानवाधिकार का उल्लंघन मानते हुए सरकार से जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

