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Washington, (US): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर किए गए ताबड़तोड़ हमलों ने न केवल मध्य पूर्व को दहला दिया है, बल्कि खुद अमेरिकी सैन्य मशीनरी के लिए एक अस्तित्वगत संकट पैदा कर दिया है। सैन्य विशेषज्ञों और पेंटागन के शीर्ष जनरलों ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट चेतावनी दी है कि ईरान के साथ लंबे समय तक चलने वाला यह संघर्ष अमेरिकी हथियारों के भंडार, विशेष रूप से एयर-डिफेंस इंटरसेप्टर मिसाइलों (Air-Defense Interceptor Missiles), को तेजी से खाली कर रहा है।
इंटरसेप्टर मिसाइलों का संकट: उत्पादन से तेज है खर्च- अमेरिका जितनी आक्रामकता से ईरान की मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करने की कोशिश कर रहा है, उसे अपने क्षेत्रीय ठिकानों की रक्षा के लिए उतनी ही बड़ी संख्या में इंटरसेप्टर मिसाइलें दागनी पड़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन मिसाइलों के खर्च होने की दर (Consumption Rate) उनके उत्पादन की गति (Production Rate) से कहीं अधिक है। यदि यह असंतुलन बना रहा, तो अमेरिका के पास अपने ठिकानों को ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों से बचाने के लिए इंटरसेप्टर खत्म हो सकते हैं।
‘ए हाउस ऑफ डायनामाइट’ जैसी हकीकत- पश्चिम एशिया के आसमान में उड़ती मिसाइलें और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पैदा हुए हालात किसी हॉलीवुड फिल्म की डरावनी पटकथा जैसे नजर आ रहे हैं। नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘ए हाउस ऑफ डायनामाइट’ (A House of Dynamite) में जिस तरह एक बेकाबू परमाणु मिसाइल को रोकने में अमेरिकी रक्षा तंत्र को विफल होते दिखाया गया है, आज के वास्तविक हालात तेजी से उसी अनिश्चितता और विफलता की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्वयं स्वीकार किया है कि इस युद्ध में अभी और अमेरिकी सैनिकों की जान जा सकती है।
‘मैगजीन डेप्थ’ पर खतरा और टॉमहॉक का अत्यधिक उपयोग- अमेरिकी रक्षा विभाग अपने हथियारों की कुल संख्या, जिसे ‘मैगजीन डेप्थ’ (Magazine Depth) कहा जाता है, को बेहद गोपनीय रखता है। हालांकि, मध्य-पूर्व में तैनात अमेरिकी एयर-डिफेंस सिस्टम का जिस बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है, उससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि अमेरिका आखिर कब तक इस तनाव को झेल पाएगा। शनिवार को तेहरान और अन्य इलाकों में अमेरिकी व इजरायली हमलों ने ईरान के मिसाइल लॉन्चरों, ड्रोन अड्डों और शीर्ष सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि यूएस सेंट्रल कमांड का दावा है कि ज्यादातर ईरानी जवाबी हमलों को नाकाम कर दिया गया है, लेकिन टॉमहॉक (Tomahawk) जैसी मारक मिसाइलों का अत्यधिक उपयोग भविष्य के लिए खतरे की घंटी है।
सैन्य विशेषज्ञों के बीच अब यह सबसे बड़ी आशंका है कि यदि टकराव और गहराया, तो इसका सीधा असर अमेरिकी मुख्य भूमि (US Mainland) तक भी पहुँच सकता है। क्या अमेरिका एक और ‘अनंत युद्ध’ (Endless War) में फंस गया है? यह सवाल अब वॉशिंगटन के गलियारों में गूँज रहा है।

