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Ranchi News: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी एक वायरल वीडियो को लेकर फिर से सियासी विवाद में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो में मंत्री एक मौलाना को लेकर टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो में मंत्री एक मौलाना को लेकर कहते हुए नजर आ रहे हैं— “मौलाना को बाहर निकालो, मेरे आदिवासी भाई को अंदर बैठने दो और चाय पिलाओ।” वीडियो सामने आते ही कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताई और समुदाय विशेष पर अपमान का आरोप लगाया। इसके बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई।
विवाद बढ़ता देख डॉ अंसारी ने अपनी सफाई में मीडिया के समक्ष बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर फैलाया जा रहा है। मंत्री के मुताबिक उनका किसी भी धर्म, समुदाय या व्यक्ति का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि मौलाना समाज के सम्माननीय व्यक्ति हैं और उनके प्रति उनके मन में पूरा आदर है।
बातचीत के दौरान मंत्री ने यह भी कहा कि आदिवासी समाज के सम्मान में कही गई बात को कुछ लोग जानबूझकर गलत दिशा में ले जा रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि झारखंड की पहचान भाईचारा, आपसी सम्मान और सामाजिक सौहार्द से है, और वे इसी भावना के साथ काम करते आए हैं।
इरफान अंसारी ने आम लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर भरोसा न करें और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सच्चाई को समझें। उन्होंने यह भी कहा कि बयान के एक हिस्से को काटकर दिखाना सही नहीं है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। हालांकि डॉ अंसारी का विवादों से बहुत गहरा संबंध है। अक्सर मीडिया में बने रहने के लिए वे अव्यवहारिक एवं अशोभनीय भाषा का प्रयोग करते रहे हैं। कुछ लोग तो यहां तक कहते हैं कि मंत्री बनते ही इनमें अहंकार आ गया है और आमलोगों संग इनका व्यवहार शोभनीय नहीं रह गया है।

