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World News: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर उनका देश परमाणु कार्यक्रम रोक देता है, तो ईरान की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल हर समय ईरान के लिए संकट खड़ा करता है और उसकी परमाणु सुविधाओं को कमजोर करने की कोशिश करता है।
इंटरव्यू में दिया साफ जवाब
एक इंटरव्यू में जब पेजेश्कियान से पूछा गया कि क्या ईरान यूरेनियम संवर्धन स्तर में कमी करेगा, तो उन्होंने तीखे अंदाज़ में जवाब दिया—“हमें कौन इस बात की गारंटी देगा कि इजरायल अचानक हमला कर हमारी परमाणु सुविधाएं तबाह नहीं करेगा?” इस बयान ने एक बार फिर पश्चिम एशिया में तनाव को हवा दे दी है।
यूएन में दिया बड़ा बयान
इस हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपने संबोधन में पेजेश्कियान ने साफ किया कि ईरान कभी भी परमाणु बम बनाने की कोशिश नहीं करेगा। उनका कहना है कि ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम केवल शांतिपूर्ण मकसदों के लिए है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पश्चिमी देश दबाव डालते रहे और नए प्रतिबंध लगाए गए, तो ईरान कड़ा जवाब देगा।
प्रतिबंधों से जूझती ईरानी अर्थव्यवस्था
ईरान पहले से ही कठोर अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। 2018 में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने परमाणु समझौते (JCPOA) को तोड़ दिया और ईरान पर कड़े प्रतिबंध फिर से लागू कर दिए थे। इन पाबंदियों से देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। फिर भी तेहरान का कहना है कि उसे यूरेनियम संवर्धन का पूरा अधिकार है, जैसा कि परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के सभी सदस्य देशों को मिला है।
इजरायल पर आरोप
ईरान ने इजरायल पर आरोप लगाया कि वह एनपीटी का सदस्य तक नहीं है और फिर भी मध्य पूर्व में वही एक देश है जिसके पास परमाणु हथियार मौजूद हैं। पेजेश्कियान के अनुसार, यही खतरा सबसे बड़ा है क्योंकि इजरायल किसी भी समय हमला कर सकता है। हाल ही में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के कुछ परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी, जिससे हालात और बिगड़ गए।
नेतन्याहू का पलटवार
संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दुनिया से अपील की कि ईरान को परमाणु कार्यक्रम और सैन्य गतिविधियां दोबारा खड़ी करने की अनुमति न दी जाए। उनका कहना था कि ईरान का असली उद्देश्य हथियार हासिल करना है, जबकि ईरान बार-बार इसे नकार चुका है।

