तेहरान: ईरान की सड़कों पर बहता खून और ‘तानाशाही मुर्दाबाद’ के नारों ने इस्लामिक गणराज्य की नींव हिला दी है। पिछले दस दिनों से जारी अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शनों में 500 से अधिक लोगों की जान जाने के बाद अब तेहरान के गलियारों में एक ही सवाल गूंज रहा है—क्या सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की विदाई का वक्त आ गया है? अंतरराष्ट्रीय मीडिया और खुफिया रिपोर्टों ने दावा किया है कि यदि प्रदर्शन बेकाबू हुए, तो खामेनेई ने देश छोड़ने का एक गुप्त ‘Plan-B’ तैयार कर लिया है।
मॉस्को हो सकता है सुरक्षित ठिकाना
खुफिया सूत्रों के हवाले से आ रही रिपोर्टों की मानें तो खामेनेई अपने परिवार और करीब 20 वफादार सहयोगियों के साथ रूस में शरण ले सकते हैं। इनमें उनके संभावित उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई का नाम भी शामिल है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनके मजबूत सामरिक रिश्तों को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि संकट की घड़ी में मॉस्को से बेहतर उनके लिए कोई और जगह नहीं हो सकती। हां, यह चर्चा इसलिए भी जोर पकड़ रही है क्योंकि सीरियाई संकट के दौरान भी रूस ने अपने सहयोगियों का साथ निभाया था।
दौलत और वफादारी की जंग
दावा तो यहां तक किया जा रहा है कि भारी मात्रा में सरकारी संपत्ति और निजी कोष को सुरक्षित ठिकानों पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालाँकि, ईरानी सरकार ने इन खबरों को पश्चिमी देशों का ‘दुष्प्रचार’ करार देकर खारिज कर दिया है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट पोस्ट्स ने जनता के बीच यह संदेश फैला दिया है कि नेतृत्व अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
क्रांतिकारी गार्ड्स की वफादारी पर टिकी सत्ता
फिलहाल, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) मजबूती से शासन के साथ खड़ा है। लेकिन इतिहास गवाह है कि जब सुरक्षा बलों के भीतर असंतोष पैदा होता है, तो बड़ी-बड़ी सत्ताएं ताश के पत्तों की तरह ढह जाती हैं। हां, अगर ईरान की सेना ने अपने ही लोगों पर गोली चलाने से इनकार कर दिया, तो खामेनेई को अपना ‘Plan-B’ तत्काल सक्रिय करना पड़ सकता है। दुनिया भर की नजरें अब तेहरान के हवाई अड्डे और सत्ता के गलियारों पर टिकी हैं—क्या यह एक युग का अंत है?
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