India News: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो द्वारा हाल के दिनों में बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द किए जाने और परिचालन में मची अभूतपूर्व अव्यवस्था के बाद केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाने की तैयारी कर ली है। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि एयरलाइन के मौजूदा सर्दियों के उड़ान शेड्यूल में कटौती की जाएगी, ताकि परिचालन स्थिरता सुनिश्चित हो सके और परेशान यात्रियों को राहत मिल सके।
मंत्री के अनुसार, फिलहाल इंडिगो प्रतिदिन लगभग 2,200 उड़ानें संचालित कर रही है, लेकिन अब यह संख्या घटाई जाएगी। यह कदम 1 से 8 दिसंबर के बीच यात्रियों को उड़ान रद्द होने, लंबे इंतजार और बैगेज में देरी जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करने के बाद उठाया जा रहा है।
₹745 करोड़ का रिफंड प्रोसेस
सरकार का कहना है कि इस अवधि में रद्द हुए 7,30,655 पीएनआर (PNR) के लिए करीब ₹745 करोड़ रुपये यात्रियों को लौटाए जा चुके हैं। वहीं, एयरलाइन के पास फंसे लगभग 9,000 बैग में से 6,000 यात्रियों तक पहुंचा दिए गए हैं, जबकि शेष बैग भी जल्द ही पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री मंगलवार दोपहर इस पूरे मुद्दे पर लोकसभा में जवाब देंगे।
बाजार पर गहरा असर, DGCA सख्त
इस बीच, इंडिगो के मौजूदा संकट का असर बाजार पर भी स्पष्ट दिख रहा है। पिछले सात दिनों में एयरलाइन के शेयर लगभग 17 प्रतिशत गिर चुके हैं, जिससे इसकी बाजार मूल्य में करीब 4.3 अरब डॉलर की भारी कमी दर्ज की गई है।
उधर, डीजीसीए ने भी एयरलाइन को शो-कॉज नोटिस भेजा था। इंडिगो ने अपने जवाब में नई क्रू रोस्टरिंग, तकनीकी समस्याओं और खराब मौसम को कारण बताया। हालांकि, नियामक इन स्पष्टीकरणों से संतुष्ट नहीं दिख रहा है और आगे की कार्रवाई पर विचार जारी है।
उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइन ऑपरेटर्स के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में इंडिगो का परिचालन कब सामान्य होगा, यात्रियों की देखभाल, एयरफेयर कैपिंग और सबसे महत्वपूर्ण स्लॉट वितरण के साथ अन्य एयरलाइनों को अतिरिक्त क्षमता देने पर निर्णय लिया जाएगा।



