India News: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में पिछले तीन दिनों से जारी भारी अव्यवस्था ने देशभर के हवाई अड्डों पर हजारों यात्रियों को संकट में डाल दिया है। हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ही अकेले एक दिन में 74 उड़ानें (37 आगमन और 37 प्रस्थान) रद्द की गईं, जिससे टर्मिनल के अंदर और बाहर यात्रियों की लंबी लाइनें और भारी रोष देखने को मिला। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गुस्साए यात्रियों ने कई जगहों पर एयरलाइन स्टाफ से तीखी बहस भी की।

इंडिगो की लगातार 170 से 200 फ्लाइट्स रोज़ रद्द होने के मामले को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बेहद गंभीरता से लिया है।

पायलटों की कमी और नए नियम बने संकट की वजह

केंद्रीय मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने गुरुवार को इंडिगो के सीनियर मैनेजमेंट के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। मंत्री ने एयरलाइन के प्रबंधन पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और तत्काल समाधान के लिए सख्त निर्देश दिए।

डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने स्पष्ट किया कि यह संकट मुख्य रूप से नई फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमावली के फेस-2 को लागू करने में इंडिगो की योजना में कमी के कारण पैदा हुआ है। एयरलाइन ने स्वीकार किया है कि उसने जितने पायलटों की ज़रूरत थी, उसका गलत अनुमान लगाया। नए नियमों के तहत, पायलटों के साप्ताहिक आराम को 12 घंटे बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया गया है, और वे अब हर हफ्ते सिर्फ दो नाइट-लैंडिंग कर सकते हैं, जबकि पहले यह सीमा छह थी।

मंत्री की फटकार: किराया न बढ़ाएं, संचालन सामान्य करें

अव्यवस्था के बीच, कई यात्रियों ने घंटों तक एयरपोर्ट और विमानों में फंसे रहने की शिकायत की है। पुणे एयरपोर्ट पर एक यात्री ने बताया कि हालात इतने खराब थे कि लोगों को फर्श पर बैठने के लिए अखबार बिछाने पड़े, और हेल्पलाइन भी काम नहीं कर रही थी।

केंद्रीय मंत्री ने इंडिगो को सख्त फटकार लगाई और कहा कि नई नियमावली लागू करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था। उन्होंने निर्देश दिया कि एयरलाइन किरायों में वृद्धि किए बिना तत्काल अपने संचालन को सामान्य करे। इंडिगो ने ग्राहकों से माफी मांगते हुए कहा है कि वह जल्द से जल्द सामान्य संचालन बहाल करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

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