Close Menu
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Public AddaPublic Adda

  • Home
  • India
  • World
  • States
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
  • Politics
  • Sports
  • Social/Interesting
  • More Adda
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Home»India»भारत-EU की मेगा डील: कपड़ा निर्यात होगा 5 गुना, लाखों को मिलेगी नौकरी
India

भारत-EU की मेगा डील: कपड़ा निर्यात होगा 5 गुना, लाखों को मिलेगी नौकरी

भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे भारतीय कपड़ा निर्यात 40 अरब डॉलर तक पहुंचने और 70 लाख नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। जानें पूरी खबर।
By Samsul HaqueJanuary 28, 20262 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Threads Telegram
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link

अपनी भाषा चुनेें :

बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...

New Delhi: भारतीय अर्थव्यवस्था और युवाओं के लिए 27 जनवरी का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर आधिकारिक मुहर लगा दी है। इस एक हस्ताक्षर ने भारतीय वस्त्र एवं परिधान उद्योग के लिए यूरोप के 27 देशों के दरवाजे खोल दिए हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह समझौता न केवल व्यापार बढ़ाएगा, बल्कि देश के करोड़ों बुनकरों और कारीगरों की किस्मत बदल देगा।

कपड़ा उद्योग में आएगा ‘निर्यात का तूफान’

वर्तमान में भारत यूरोपीय संघ को लगभग 7 अरब डॉलर का कपड़ा निर्यात करता है, जिसके अब बढ़कर 30 से 40 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। सबसे बड़ी राहत यह है कि अब तक भारतीय उत्पादों पर लगने वाला 12 प्रतिशत का आयात शुल्क (Import Duty) खत्म हो जाएगा। इससे भारतीय उत्पाद अब बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे। गौरतलब है कि बांग्लादेश ‘जीरो ड्यूटी’ का लाभ उठाकर अब तक बढ़ी हिस्सेदारी पर कब्जा जमाए हुए था, लेकिन अब भारत भी उसी बराबरी पर खड़ा होगा।

70 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार

भारत में कृषि के बाद कपड़ा उद्योग ही सबसे ज्यादा रोजगार देता है। इस समझौते से होम फर्निशिंग, गारमेंट्स और हैंडloom सेक्टर में भारी निवेश की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्यात में होने वाली इस भारी वृद्धि से अगले कुछ वर्षों में 60 से 70 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

कार्बन टैक्स की टेंशन भी हुई खत्म

यूरोपीय संघ के कड़े कार्बन टैक्स (CBAM) नियमों को लेकर भारतीय निर्यातक चिंतित थे। लेकिन वाणिज्य सचिव ने साफ किया है कि समझौते के तहत अब भारतीय एजेंसियां ही कार्बन उत्सर्जन का सत्यापन करेंगी। इससे हमारे व्यापारियों को यूरोप की जटिल कागजी कार्रवाई और अतिरिक्त टैक्स से मुक्ति मिलेगी। यह समझौता न केवल ‘मेक इन इंडिया’ को ग्लोबल ब्रांड बनाएगा, बल्कि भारत के व्यापार घाटे को कम करने में भी निर्णायक भूमिका निभाएगा।

इस खबर को भी पढ़ें : PM मोदी की मेजबानी: भारत और यूरोप के बीच सबसे बड़ा व्यापार समझौता

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Follow on Google News
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुवाई में दिल्ली में ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन’ 8 जुलाई से

July 2, 2026

पाकिस्तानी हैंडलर रच रहे थे दिल्ली में तबाही का खेल, पंजाब से दबोचे गए 4 आरोपी

July 2, 2026

40 फीट नीचे काम कर रहे थे मजदूर, तभी ऊपर से जो गिरा… मच गया कोहराम!

July 2, 2026

RECENT ADDA.

SIR-2026: घर-घर पहुंच रहे BLO, फॉर्म वितरण और डिजिटाइजेशन का कार्य युद्ध स्तर पर जारी

July 2, 2026

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुवाई में दिल्ली में ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन’ 8 जुलाई से

July 2, 2026

तमिलनाडु गैस रिसाव हादसा: झारखण्ड के सभी 42 श्रमिक सुरक्षित लौटे वतन

July 2, 2026

रिम्स-2 की स्थापना और सड़कों के जाल के लिए अरबों की मंजूरी, आदिम जनजातियों को 150 दिन रोजगार

July 2, 2026

‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ अभियान शुरू, सीएम हेमंत सोरेन ने भरा एसआईआर फॉर्म

July 2, 2026
Today’s Horoscope
© 2026 Public Adda. Designed by Launching Press.
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Adsense

Home

News

Web Stories Fill Streamline Icon: https://streamlinehq.com

Web Stories

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.