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New Delhi: भारतीय जॉब मार्केट ने साल 2026 की पहली छमाही के लिए एक सकारात्मक संकेत दिया है। ताजा ‘नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स’ (Naukri JobSpeak Index) के अनुसार, जनवरी महीने में व्हाइट-कॉलर नौकरियों (White-Collar Jobs) की भर्ती में सालाना आधार पर 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस रिपोर्ट की सबसे खास बात यह है कि जहाँ पारंपरिक आईटी क्षेत्र स्थिर बना हुआ है, वहीं नॉन-आईटी सेक्टर और आधुनिक तकनीकों जैसे एआई (AI) ने रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं।
BPO और AI सेक्टर में नौकरियों की बाढ़
रिपोर्ट के मुताबिक, बीपीओ और आईटीईएस (BPO/ITES) सेक्टर में भर्ती की गतिविधियों में 21 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी देखी गई है। वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग (AI/ML) से जुड़ी भूमिकाओं में 34 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आया है, जो यह दर्शाता है कि कंपनियां अब तकनीकी बदलावों के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी कर रही हैं।
छोटे शहरों का बड़ा कमाल: जयपुर और अहमदाबाद ने चौंकाया
भर्ती के मामले में इस बार दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों के बजाय नॉन-मेट्रो शहरों ने बाजी मारी है। जयपुर में भर्ती की दर में 66 प्रतिशत और अहमदाबाद में 43 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। भौगोलिक स्तर पर पुणे 23 प्रतिशत की बढ़त के साथ महानगरों में सबसे आगे रहा, जिसके बाद चेन्नई और बेंगलुरु का स्थान आता है।
MNCs की बड़ी भूमिका और फ्रेशर्स की चांदी
विदेशी मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) ने भारतीय प्रतिभाओं पर भरोसा जताते हुए अपनी भर्ती गतिविधियों में 80 प्रतिशत से ज्यादा का इजाफा किया है। इसका सबसे बड़ा फायदा ‘फ्रेशर्स’ को मिला है, जिनकी भर्ती में 39 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है। हालांकि, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं (BFSI) में 15 प्रतिशत की गिरावट एक चिंता का विषय बनी हुई है।
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नौकरी डॉट कॉम के चीफ बिजनेस ऑफिसर डॉ. पवन गोयल ने कहा कि बीपीओ और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में यह सतत वृद्धि 2026 के लिए एक मजबूत नींव रख रही है। भारतीय आईटी एमएनसी का प्रदर्शन भी वैश्विक बाजार में भारत की पकड़ को मजबूत कर रहा है।



