बार-बार यूरिन करने जाते हैं तो हो सकता है डायबिटीज का खतरा

पब्लिक अड्डा डेस्क. डायबिटीज यानी मधुमेह एक ऐसी बीमारी है, जो इंसान के खून में ग्लूकोज की तय सीमा से अधिक हो जाने पर होती है। इंसुलिन, अग्न्याशय द्वारा बनाया गया एक हार्मोन है, जो भोजन से ग्लूकोज को अलग कर कोशिकाओं में ऊर्जा के लिए उपयोग करने में मदद करता है। कभी-कभी शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता है या इंसुलिन का अच्छी तरह से उपयोग नहीं कर पाता है, तब ग्लूकोज रक्त में ही रह जाता है और कोशिकाओं तक नहीं पहुंचता और रक्त में ग्लूकोज बढ़ जाता है।

डायबिटिज के कारण दिल की बीमारी, स्ट्रोक, किडनी समस्या, आंखों की समस्या आदि हो सकती है। मेडिकल विशेषज्ञ के अनुसार जिन लोगों को अधिक यूरिन आती है या जो बार-बार यूरिन करने जाते हैं उन लोगों को टाइप 1 और 2 डायबिटीज का खतरा हो सकता है, जो लोग बार-बार पेशाब करने जाते हैं या जिन लोगों को एक दिन में तीन लीटर से अधिक यूरिन आती है, उन लोगों को डायबिटीज का खतरा हो सकता है।

अधिक और बार-बार यूरिन जाना निर्जलीकरण का कारण बन सकता है, जिसे अगर बिना इलाज के छोड़ दिया जाए तो वह किडनी के काम को प्रभावित कर सकता है। डायबिटीज में ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से अधिक होता है, इसलिए किडनी पूरी चीनी को पुन: अवशोषित नहीं कर सकते हैं और खून में से अतिरिक्त ग्लूकोज यूरिन में चला जाता है और वहां अधिक पानी खींचता है। इसका मतलब है कि शरीर बड़ी मात्रा में यूरिन का प्रोडक्शन करने लगता है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि ग्लूकोज लेवल अगर बहुत अधिक है तो शरीर इसे किडनी के माध्यम से खून से अलग करने की कोशिश करता है और अधिक पानी फिल्टर होता है. लोगों को सलाह दी जाती है कि अगर उन्हें बिना किसी कारण के कई दिनों तक अत्यधिक यूरिन आती है तो डॉक्टर से मिलें. डायबिटीज यूके के अनुसार, डायबिटीज के अन्य लक्षणों में प्यास लगना, थकान महसूस होना और वजन कम होना भी है।