Health Desk: आधुनिक जीवनशैली में पैकेज्ड फूड और तीखे स्वादों के प्रति बढ़ते रुझान ने हमारे शरीर में नमक की मात्रा को खतरनाक स्तर तक पहुंचा दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति को दिन भर में अधिकतम 5 ग्राम (एक छोटा चम्मच) नमक ही लेना चाहिए। लेकिन एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय औसतन 10 से 12 ग्राम नमक खा रहे हैं, जो सीधे तौर पर गंभीर बीमारियों को निमंत्रण दे रहा है।

ज्यादा नमक से होने वाले नुकसान:

  • ब्लड प्रेशर और किडनी: सोडियम की अधिकता रक्तचाप बढ़ाती है और किडनी पर अतिरिक्त बोझ डालती है।

  • कमजोर हड्डियाँ: अधिक नमक शरीर से कैल्शियम को बाहर निकाल देता है, जिससे हड्डियाँ खोखली होने लगती हैं।

  • चेहरे पर सूजन: रात में अधिक नमकीन खाने से ‘वॉटर रिटेंशन’ होता है, जिससे सुबह चेहरे और आंखों के पास सूजन दिखती है।

  • समय से पहले बुढ़ापा: ज्यादा सोडियम त्वचा की चमक छीन लेता है और झुर्रियां पैदा करता है।

बचाव के लिए क्या करें?

  • छिपे हुए सोडियम से बचें: ब्रेड, बिस्किट और नमकीन जैसे पैकेज्ड फूड में नमक की मात्रा बहुत अधिक होती है।

  • सेंधा नमक का प्रयोग: सफेद नमक के साथ थोड़ा सेंधा नमक मिलाकर इस्तेमाल करना आयुर्वेद में बेहतर माना गया है।

  • सलाद पर पाबंदी: फल और सलाद के ऊपर से नमक या चाट मसाला छिड़कने की आदत तुरंत छोड़ें।

  • स्मार्ट विकल्प: दही या लस्सी में सफेद नमक के बजाय भुना जीरा और काला नमक इस्तेमाल करें।

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