India News: छत्तीसगढ़ और आंध्रप्रदेश की सीमा एक बार फिर भारी गोलीबारी की गवाह बनी, जब सुरक्षाबलों ने एक बड़ी कार्रवाई में कुख्यात नक्सली हिड़मा को मार गिराने का दावा किया। उसके साथ उसकी पत्नी और कुल छह नक्सली ढेर होने की बात सामने आई है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन घटनास्थल की तस्वीरें और मिले हथियार इस दावे को मजबूत करती दिख रही हैं।
सीमा पर बड़ा एनकाउंटर, छह नक्सली मारे गए
यह मुठभेड़ सोमवार देर शाम शुरू हुई और रातभर रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। सुबह तक सुरक्षा बलों ने इलाके को पूरी तरह घेर लिया और तलाशी शुरू की। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, मुठभेड़ स्थल से छह नक्सलियों के शव मिले हैं, जिनमें हिड़मा और उसकी पत्नी भी शामिल हो सकती हैं। हिड़मा दंडकारण्य स्पेशल जोन कमेटी का प्रमुख चेहरा था और पिछले एक दशक में कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड रहा है। जंगल में भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक भी मिले हैं। फिलहाल सभी संभावनाओं की जांच करते हुए डीआरजी, सीआरपीएफ और एसटीएफ की संयुक्त टीमें इलाके में कॉम्बिंग कर रही हैं।
सुकमा में दो अलग जगहों पर मुठभेड़ जारी
इसी के साथ सुकमा जिले के एर्राबोर क्षेत्र में मंगलवार सुबह से दूसरी मुठभेड़ भी शुरू हो गई। पुलिस को रात में सूचना मिली थी कि बड़ी संख्या में नक्सली जंगलों में जमा हो रहे हैं। जैसे ही डीआरजी जवान मौके पर पहुंचे, नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी गोलीबारी की, जिसमें कई नक्सलियों के घायल होने की खबर है। इलाके को चारों तरफ से घेर लिया गया है और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।
इस साल 263 नक्सली ढेर—बस्तर सबसे ज्यादा प्रभावित
छत्तीसगढ़ में इस साल हुई अब तक की मुठभेड़ों में 263 नक्सली मारे जा चुके हैं। इनमें से 234 केवल बस्तर संभाग में ढेर हुए, जहां नक्सल गतिविधियों का सबसे ज्यादा प्रभाव है। सिर्फ दो दिन पहले भेज्जी-चिंतागुफा इलाके में हुई कार्रवाई में 15 लाख के इनामी तीन नक्सली मारे गए थे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि हिड़मा की मौत अगर आधिकारिक रूप से साबित हो जाती है, तो दंडकारण्य में नक्सली नेटवर्क को तगड़ा झटका लगेगा।