Ranchi News: मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के विधायक और विधानसभा स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने बताया कि झारखंड में शिबू सोरेन को मंगलवार को नम आंखों से विदाई दी जाएगी। किसी व्यक्ति का पूरा जीवन कैसा रहा, उसे लेकर लोग क्या सोचते हैं, लोगों के बीच उसकी छवि कैसी रही, यह उसकी जिंदगी की अंतिम यात्रा के दौरान जाहिर हो जाता है। आज पूरा झारखंड दुखी है कि गुरु जी हमारे बीच नहीं रहे।

नेताओं ने जताया दुख, कहा- उनके किए कामों को नहीं भुलाया जा सकता

उन्होंने कहा कि गुरुजी के नहीं रहने से न केवल झारखंड, बल्कि पूरे विश्व में गम का माहौल है। वे हमारे अभिभावक थे। उन्होंने अपने जीवन में बहुत कुछ कमाया। आज उनके चाहने वाले गमगीन हैं। आज बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए आ रहे हैं। गुरुजी का व्यक्तित्व अतुलनीय था।

महतो ने कहा कि गुरुजी को महामानव कहना ज्यादा उचित होगा। वे अपने जीवन काल में झारखंड के लोगों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहे। उनकी भूमिका को कभी भी कम नहीं आंका जा सकता। वहीं इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि जो कोई भी इस संसार में आया है, वह एक दिन हमें छोड़कर चला जाता है, और यह हमारे लिए दुख की बात है कि आज गुरुजी हमारे बीच नहीं रहे। उनका हमारे बीच नहीं रहना एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने सीएम पद पर रहते हुए झारखंड के लोगों के लिए कई ऐसे फैसले लिए जो आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने हमारे बीच एक ऐसा आदर्श छोड़ा है जिसे कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है।

बीजेपी नेता लोबिन हेम्ब्रोम ने शिबू सोरेन को लेकर कहा कि आज मैंने अपनी जिंदगी में अगर राजनीति में यह मुकाम हासिल किया है, तो उसकी मूल वजह गुरूजी ही हैं। उन्होंने ही हमें राजनीति का ककहरा सिखाया है। हम उनके साथ कई तरह के आंदोलन में शामिल हुए। वे हमारे मार्गदर्शक थे। उन्होंने आदिवासियों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में कई काम किए। उन्होंने जल, जीवन और जंगल को बचाने के लिए कई कदम उठाए। झारखंड की जनता उन्हें कभी नहीं भूल सकती है। आज हम सब उन्हें नम आंखों से विदाई दे रहे हैं।

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