Gumla News: गुमला जिले में धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया को सुचारु, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिए जिला प्रशासन युद्धस्तर पर काम कर रहा है। इसी क्रम में आज उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने तीन धान अधिप्राप्ति जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये रथ आगामी 10 दिनों तक जिले के तीनों अनुमंडलों के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में भ्रमण कर किसानों को खरीद प्रक्रिया की महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान करेंगे।

किसानों को ₹100 की सीधी बचत, 4G ई-पॉश मशीन का वितरण

जिले में धान की खरीददारी शुरू हो चुकी है, जिसके लिए विभाग द्वारा कुल 29 लैम्पस का चयन किया गया है। इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2450 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष के ₹2350 प्रति क्विंटल की तुलना में ₹100 अधिक है। समर्थन मूल्य में हुई इस वृद्धि से जिले के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, जिसकी भुगतान राशि उन्हें अधिप्राप्ति के 1 सप्ताह के अंदर ही प्रदान कर दी जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान डीसी ने जन वितरण प्रणाली (PDS) विक्रेताओं के बीच 4G आधारित ई-पॉश मशीन का भी वितरण किया। राज्य सरकार के निर्देशानुसार पुराने 2G आधारित मशीनों को चरणबद्ध रूप से बदला जा रहा है। 2G नेटवर्क के कारण सुदूरवर्ती क्षेत्रों में लेन-देन में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए, 4G मशीनें ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में तेजी लाएंगी और उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा मिलेगी। आज लगभग 90 PDS केंद्रों को ये मशीनें वितरित की गईं।

29 लैम्पस केंद्र अधिसूचित, बिचौलियों से दूर रहने की अपील

धान अधिप्राप्ति के लिए जिले में जिन प्रमुख लैम्पसों को केंद्र बनाया गया है, उनमें बसिया, कामडारा, भरनो, डुमरी, पालकोट, गुमला, घाघरा, चैनपुर, रायडीह, अल्बर्ट एक्का जारी, विशुनपुर और सिसई प्रखंडों के कुल 29 केंद्र शामिल हैं।

उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने जिले के किसानों से जोरदार अपील की है कि वे बिचौलियों से दूर रहते हुए केवल इन अधिकृत धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर ही अपने धान की बिक्री करें, ताकि उन्हें राज्य सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य का पूरा लाभ सुनिश्चित हो सके।

Share.
Exit mobile version