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Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र में बुधवार की सुबह एक ऐसी खबर आई जिसने न सिर्फ पुलिस महकमे को हिला दिया, बल्कि आम जनता के दिल में दहशत पैदा कर दी है। कोतरोगढ़ा गांव के पास एक सुनसान इलाके में 65 वर्षीय बुजुर्ग हरिनाथ लुगुन उर्फ मंगरा की बेहद नृशंस तरीके से हत्या कर दी गई।
खून से सने बोरे ने खोला मौत का राज
बुधवार की सुबह जब ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों के लिए निकले, तो उनकी नजर कोतरोगढ़ा गांव के पास पड़े एक लावारिस बोरे पर पड़ी। बोरे से रिसते ताजे खून और उठती गंध ने अनहोनी की आशंका जता दी। जब हिम्मत जुटाकर ग्रामीणों ने बोरे को खोला, तो भीतर का नजारा देख सबकी रूह कांप गई। बोरे के अंदर एक व्यक्ति का बिना सिर वाला धड़ ठूंसा गया था। देखते ही देखते पूरे गांव में यह खबर आग की तरह फैल गई।
जमीन विवाद और रंजिश की भेंट चढ़ी जिंदगी
मृतक की पहचान सारुड़ा गांव निवासी हरिनाथ लुगुन के रूप में हुई है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, इस हत्याकांड के पीछे वर्षों से चला आ रहा जमीन विवाद बताया जा रहा है। अपराधियों ने न केवल हरिनाथ की जान ली, बल्कि साक्ष्य मिटाने और पहचान छुपाने के इरादे से उनके सिर को धड़ से अलग कर दिया। काफी खोजबीन के बाद पुलिस ने धड़ से कुछ दूरी पर झाड़ियों से कटा हुआ सिर भी बरामद कर लिया है।
पुलिस की कार्रवाई और इलाके में तनाव
घटना की सूचना मिलते ही गोइलकेरा थाना प्रभारी विक्रांत सिंह मुंडा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आपसी रंजिश या जमीन से जुड़ा मामला लग रहा है। पुलिस कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
फिलहाल, गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई इस दरिंदगी की निंदा कर रहा है। लोगों का कहना है कि अपराधियों ने दहशत फैलाने के लिए इस तरह की क्रूरता का सहारा लिया है।

