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Ghaziabad: मंगलवार की रात जब गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी गहरी नींद में थी, तभी बीरबल चौकी के पास ‘गोल्डन पैलेस’ के नजदीक स्थित एक पांच मंजिला इमारत में अचानक चीख-पुकार मच गई। रात के करीब 11:45 बजे थे, जब ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद इलेक्ट्रिकल पैनल में शॉर्ट सर्किट के बाद आग की लपटें उठने लगीं। कुछ ही मिनटों में आग ने सीढ़ियों को अपनी चपेट में ले लिया और पूरी बिल्डिंग जहरीले धुएं के गुबार में तब्दील हो गई।
45 फ्लैट्स वाली इस रिहायशी इमारत में करीब 150 लोग मौजूद थे। आग लगने के कारण नीचे उतरने का एकमात्र रास्ता (सीढ़ियां) बंद हो चुका था। लोग बालकनी और खिड़कियों पर आकर मदद की गुहार लगाने लगे। हालात की गंभीरता को देखते हुए वैशाली फायर स्टेशन से तत्काल मदद भेजी गई और देखते ही देखते 10 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं।
जांबाज दमकल कर्मियों ने चलाया ‘मिशन रेस्क्यू’— सीईओ राहुल पाल के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। हाइड्रोलिक सीढ़ियों को ऊपर की मंजिलों तक फैलाया गया। दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर खिड़कियों के रास्ते लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। अंदर फंसे छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित नीचे उतारना सबसे बड़ी चुनौती थी, क्योंकि घना धुआं फेफड़ों में भर रहा था।
20 से ज्यादा झुलसे, अस्पताल में भर्ती— घंटों चली इस मशक्कत के बाद लगभग 150 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, इस हादसे में करीब 20 से 22 लोग धुएं की चपेट में आने से झुलस गए या बेहोश हो गए। एंबुलेंस के जरिए घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज जारी है। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इमारत में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है, लेकिन खोड़ा की गलियों में अब भी दहशत का सन्नाटा पसरा है।

