अपनी भाषा चुनेें :
World News: अमेरिका में भारतीय मूल के दो मुस्लिम नेताओं ने ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जिस पर पूरा भारत गर्व महसूस कर रहा है। वर्जीनिया की राजनीति में गजाला हाशमी ने और न्यूयॉर्क में जोहरान ममदानी ने जीत दर्ज कर यह दिखा दिया है कि भारतीय मूल के लोग अब अमेरिकी लोकतंत्र के भी मजबूत स्तंभ बन चुके हैं।
गजाला हाशमी बनीं वर्जीनिया की पहली मुस्लिम लेफ्टिनेंट गवर्नर
हैदराबाद में जन्मी डेमोक्रेटिक नेता गजाला हाशमी ने वर्जीनिया के लेफ्टिनेंट गवर्नर का चुनाव जीतकर नया इतिहास रचा है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार जॉन रीड को हराया और इस पद पर पहुंचने वाली पहली मुस्लिम और पहली दक्षिण एशियाई अमेरिकी बन गईं।
हाशमी का सफर आसान नहीं था। 2019 में उन्होंने पहली बार राजनीति में कदम रखा और रिपब्लिकन पार्टी के मजबूत गढ़ को हिलाकर रख दिया। पांच सालों में वे वर्जीनिया सीनेट की शिक्षा और स्वास्थ्य समिति की अध्यक्ष बन गईं। गजाला का जन्म 1964 में हैदराबाद में हुआ था। उनके पिता प्रोफेसर जिया हाशमी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र रहे, जबकि मां तनवीर हाशमी उस्मानिया विश्वविद्यालय से शिक्षित थीं। चार साल की उम्र में वे अमेरिका चली गईं और वहां पढ़ाई के दौरान उन्होंने शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के मुद्दों को अपना जीवन मिशन बना लिया।
जोहरान ममदानी बने न्यूयॉर्क के नए मेयर
इसी बीच न्यूयॉर्क में भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने मेयर चुनाव में दो बड़े प्रतिद्वंद्वियों को हराकर जीत हासिल की। 34 वर्षीय ममदानी न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली के सदस्य रह चुके हैं। उनका जन्म युगांडा में हुआ था और पालन-पोषण न्यूयॉर्क में हुआ। उनकी मां मशहूर फिल्म निर्देशक मीरा नायर हैं, जबकि पिता प्रोफेसर महमूद ममदानी हैं।
चुनाव के दौरान अमेरिकी राजनीति में उनका विरोध भी हुआ — खुद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें हाराने की कोशिश की, लेकिन जनता ने उन्हें भारी मतों से विजयी बनाया। उनकी जीत से भारतीय मूल के लोगों की पहचान और मजबूत हुई है।

