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Washington, (US):अमेरिका के मोजावे रेगिस्तान (Mojave Desert) में लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। एक संघीय जज ने रेगिस्तानी कछुए यानी ‘डेजर्ट टॉरटॉइज़’ की रक्षा के लिए लगभग 3,500 किलोमीटर लंबे ऑफ-रोड मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है। अदालत ने माना कि यह कछुआ मोजावे के पारिस्थितिकी तंत्र की ‘कीस्टोन स्पीशीज’ (Keystone Species) है और इसका अस्तित्व पूरे रेगिस्तानी संतुलन के लिए अनिवार्य है।
खतरे में कछुओं का घर
1970 के दशक के बाद से कुछ क्षेत्रों में इन कछुओं की संख्या में 96 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऑफ-रोड वाहन इन बेजुबानों के लिए काल बन चुके हैं:
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दबते बिल: भारी वाहनों के पहियों तले कछुओं के बिल दब जाते हैं, जिससे वे भीतर ही दम तोड़ देते हैं।
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भोजन का संकट: इन गाड़ियों से उड़ने वाली धूल उन पौधों को नष्ट कर देती है जिन्हें कछुए भोजन के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
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ब्यूरो की विफलता: अदालत ने पाया कि ‘ब्यूरो ऑफ लैंड मैनेजमेंट’ इन जीवों की सुरक्षा करने में नाकाम रही है। अब 2029 तक नया सुरक्षित नेटवर्क तैयार होने तक यह प्रतिबंध लागू रहेगा।
संरक्षण बनाम पर्यटन का विवाद
यह प्रतिबंध लगभग 50 लाख एकड़ के विशाल क्षेत्र में लागू होगा। पर्यावरण संगठन इसे जैव विविधता की जीत मान रहे हैं, लेकिन ‘ब्लू रिबन कोएलिशन’ जैसे पर्यटन समूहों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। उनका तर्क है कि कछुओं की घटती संख्या के लिए केवल वाहन नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन, सूखा और शिकार करने वाले कौवे भी जिम्मेदार हैं। साथ ही, इस फैसले से स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा।
पारिस्थितिकी तंत्र के लिए क्यों जरूरी है यह कछुआ?
डेजर्ट टॉरटॉइज़ रेगिस्तान में गहरे बिल खोदते हैं, जिनका उपयोग सांप, छिपकली और छोटे स्तनधारी जीव आश्रय के रूप में करते हैं। यदि यह कछुआ विलुप्त हो गया, तो मोजावे रेगिस्तान का पूरा जीवन चक्र असंतुलित हो जाएगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि बीमारियां और सौर ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार भी बड़ी चुनौतियां हैं, जिनसे निपटना भविष्य के लिए जरूरी है।
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