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चैनपुर : शारदीय नवरात्र का समापन इस वर्ष चैनपुर में तीन दिन तक चलने वाले भव्य आयोजनों के साथ हुआ। गुरुवार को दशमी के अवसर पर शाम को दुर्गा मंदिर परिसर में महिलाओं ने गरबा और डांडिया नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय और उत्सवपूर्ण बना दिया। संध्या आरती के बाद बच्चों का पुरस्कार वितरण किया गया, जिसमें भाग लेने वाले नन्हे-मुन्नों को सम्मानित किया गया। दशहरा पर्व पर आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए। थाना प्रभारी कृष्ण कुमार और मुख्य संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी के कर कमलों से पारंपरिक विधि विधान के साथ रावण का दहन किया। आतिशबाजी और जयकारों से पूरा नगर गूंज उठा।
धार्मिक मान्यताओं के कारण मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन दशमी के दिन न होकर शुक्रवार को किया गया। सुबह से ही दुर्गा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं ने पारंपरिक खोंईचा भराई और सिंदूर दान की रस्म पूरी कर मां को वि
दाई दी। जैसे ही शोभायात्रा निकली, वातावरण “जय माता दी” और “मां दुर्गा की जय” के नारों से गूंज उठा। यात्रा दुर्गा मंदिर से होकर बस स्टैंड, एमएलए रोड, पीपल चौक, थाना रोड, चर्च रोड और प्रेम नगर से गुजरती हुई विसर्जन तालाब पहुंची। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर मां को विदाई दी और “हमनिके छोड़ी के ना जइबू ए मईया” जैसे विदाई गीतों ने वातावरण को भावुक बना दिया। तालाब पर मंत्रोच्चार और पूरे विधि-विधान के साथ प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी की आंखें नम हो गईं और अगले बरस मां के पुनः आगमन की कामना की गई। पूरे आयोजन में पुलिस बल की सख्त सुरक्षा व्यवस्था रही। थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से दुर्गा पूजा के सफल समापन पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी। वहीं, स्वयंसेवकों ने भी शोभायात्रा और विसर्जन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

