अपनी भाषा चुनेें :
Health News: मिर्गी का नाम सुनते ही मन में एक डर सा आ जाता है। अचानक दौरा पड़ जाए तो मरीज भी घबरा जाता है और परिवार वाले भी। पर आज अच्छी बात ये है कि विशेषज्ञ अब साफ कह रहे हैं — मिर्गी सिर्फ दवा से नहीं, मन को शांत रखकर भी संभाली जा सकती है।
ये एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, दिमाग से जुड़ी। दवाइयाँ जरूरत हैं, लेकिन सिर्फ गोली निगलने से मामला हमेशा कंट्रोल में नहीं आता। डॉक्टरों का कहना है कि तनाव, चिंता और अनियमित जीवनशैली दौरे की संभावना बढ़ा देते हैं। इसलिए मन को शांत रखने वाली आदतें — खासकर योग — बहुत काम आते हैं।
कौन-से योग आसन मदद करते हैं?
विशेषज्ञ बताते हैं कि कुछ आसन सीधे दिमाग और नर्वस सिस्टम को शांत करते हैं। जैसे —
-
उत्तानासन — शरीर को लंबा खींचता है, दिमाग को ठंडा करता है
-
हलासन — नसों को आराम देता है, टेंशन कम करता है
-
शवासन — पूरा तन-मन ढीला कर देता है; anxiety शांत होती है
-
बालासन — मन को नरम, शांत और स्थिर बनाता है
-
मत्स्यासन — दिमाग और शरीर के बीच तालमेल सुधारता है
इन आसनों का रोज 15–20 मिनट अभ्यास सिर्फ शरीर को नहीं, दिमाग को भी राहत देता है। और यही राहत दौरे आने की संभावना कम कर सकती है।
संकेत साफ है
डॉक्टर कह रहे हैं — दवा छोड़ो नहीं, लेकिन मन को स्थिर रखो, खुद को टाइम दो, तनाव को दूर रखो।
हर साल नवंबर में राष्ट्रीय मिर्गी जागरूकता माह मनाया जाता है। इसका मकसद यही है कि लोग समझें — मिर्गी कोई शर्म की बात नहीं। और हाँ, ये बीमारी सही देखभाल और सही जीवनशैली से संभाली जा सकती है।

