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Bihar News: ई-कॉम एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों ने खुद को लूट का शिकार बनाने का एक साजिश रची थी, लेकिन उनकी योजना उलट गई और वे खुद पुलिस के हत्थे चढ़ गए। यह घटना जिले के नरपतगंज थाना क्षेत्र की है, जहां कंपनी के डिलीवरी बॉय मनीष कुमार ने पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई थी। उसने दावा किया था कि 5 अप्रैल को जोगबनी से फारबिसगंज जाते वक्त काले रंग की अपाचे बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसे घेरकर 1.30 लाख रुपये लूट लिए थे।
शिकायत मिलने के बाद, एसपी अंजनी कुमार के निर्देश पर फारबिसगंज एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम बनाई गई। टीम ने घटना की जांच शुरू की, जिसमें कई तथ्यों में विरोधाभास सामने आया। जांच के दौरान, कंपनी के कर्मचारियों से पूछताछ की गई, जिनकी बातें अलग-अलग थीं। इसके बाद तकनीकी जांच में कई अहम सुराग हाथ आए।
अंत में, जब डिलीवरी बॉय मनीष कुमार से कड़ी पूछताछ की गई, तो उसने स्वीकार किया कि उसने अपने साथी सुपरवाइजर और मैनेजर के साथ मिलकर एक झूठी लूट की कहानी गढ़ी थी ताकि वह कंपनी का पैसा हड़प सके। पुलिस ने इसके बाद 1.30 लाख रुपये की लूट की राशि को सुपरवाइजर और मैनेजर के पास से बरामद कर लिया।
पुलिस ने इस मामले में डिलीवरी बॉय मनीष कुमार, सुपरवाइजर रवि कुमार और मैनेजर मनीष कुमार को गिरफ्तार किया है। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि कभी-कभी अपने ही जाल में फंसने से बचना मुश्किल हो जाता है।

