Close Menu
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Public AddaPublic Adda

  • Home
  • India
  • World
  • States
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
  • Politics
  • Sports
  • Social/Interesting
  • More Adda
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Home»#Trending»पिता रामदास सोरेन के निधन से खाली हुई घाटशिला सीट पर बड़े बेटे सोमेश तानेंगे तीर कमान
#Trending

पिता रामदास सोरेन के निधन से खाली हुई घाटशिला सीट पर बड़े बेटे सोमेश तानेंगे तीर कमान

रामदास सोरेन के निधन के बाद उनके पुत्र सोमेश चंद्र सोरेन को राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया गया है। अब घाटशिला उपचुनाव में उनका मुकाबला पूर्व सीएम चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन से होने की संभावना है।
Vikash SrivastavaBy Vikash SrivastavaAugust 29, 20256 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Threads Telegram
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link

अपनी भाषा चुनेें :

बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...

– ज्येष्ठ पुत्र सोमेश चंद्र सोरेन को मिला रामदास सोरेन का राजनीतिक उत्तराधिकार, मंत्री पद और उम्मीदवारी की घोषणामात्र 

– चंपई पुत्र बाबूलाल सोरेन से हो सकता रामदास पुत्र का आमना-सामना

– बिहार चुनाव के दौरान घाटशिला का उप चुनाव होने की संभावना

रामदास सोरेन के श्राद्ध भोज में पहुंचे मुख्यमंत्री, राज्यपाल समेत तमाम मंत्री, विधायक समेत पक्ष-विपक्ष के नेता, कॉरपोरेट और मजदूर यूनियन के प्रतिनिधि भी पहुंचे श्रद्धांजलि देने

Jamshedpur News:

स्व. रामदास सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर नमन करते राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

झारखंड के स्कूली शिक्षा सह निबंधन मंत्री रहे रामदास सोरेन के श्राद्ध भोज में राजनीति दिग्गज से लेकर कॉरपोरेट और विभिन्न मजदूर यूनियन, सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि शामिल हुए। राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन, विधानसभा अध्यक्ष रविन्द्र महतो, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, राज्यसभा सांसद महुआ माझी, सांसद विद्युत वरण महतो, समेत तमाम मंत्री, विधायक समेत पक्ष-विपक्ष के नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे। श्राद्धभोज में केंद्र बिंदु स्व. रामदास के जेष्ठ पुत्र सोमेश चंद्र सोरेन थे। सभी की जुबान पर घाटशीला विस की रिक्त हुई सीट से सोमेश की उम्मीदवारी का जिक्र था। विधानसभा क्षेत्र के लोग हो या  स्व. रामदास सोरेन के समर्थक और राजनीति विशेषज्ञ सभी की एक ही राय है कि जेएमएम आलाकमान और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमेश सोरेन को ही रामदास सोरेन का राजनीति उत्तराधिकारी घोषित करेंगे। इस विषय पर पढ़े ये विशेष रिपोर्ट।

पिता रामदास सोरेन के साथ सोमेश सोरेन। फ़ाइल फोटो।

झारखंड के स्कूली शिक्षा सह निबंधन मंत्री रहे रामदास सोरेन का राजनीतिक उत्तराधिकार उनके ज्येष्ठ पुत्र सोमेश चंद्र सोरेन संभालेंगे। रामदास सोरेन के निधन के बाद उनके परिवार के भीतर चिंतन मनन के बाद आपसी सहमति से उत्तराधिकार तय हो गया। अब चचेरे भाई विक्टर सोरेन और मंगल सोरेन के साथ मिल कर सोमेश सोरेन को अपने पिता के राजनीतिक उत्तराधिकार को न सिर्फ संभालना है बल्कि उसे आगे भी बढ़ाना है। झामुमो अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी सोरेन परिवार के उत्तराधिकार के फैसले का सम्मान करते हुए अपनी रजामंदी जताई है। हेमंत सोरेन की इच्छा रही कि रामदास सोरेन के अंतिम संस्कार से लेकर श्राद्ध भोज में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। यही वजह है कि प्रशासन ने अंतिम संस्कार से जुड़े सारे आयोजन में महती भूमिका निभाई।

राज्यपाल संतोष गंगवार के लेकर आते सोमेश सोरेन। यह काफी भावुक पल था, ज़ब राज्यपाल एक पुत्र को पिता के खोने पर सांत्वना दे रहे थे। सोमेश भी राज्यपाल के हाथों को थामे श्रद्धांजलि मंच तक लेकर आए।

खैर, रामदास सोरेन के निधन से उनकी घाटशिला विधानसभा सीट खाली हो गई है। संभावना है कि बिहार विधानसभा चुनाव के साथ चुनाव आयोग अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित घाटशिला विधानसभा सीट पर उप चुनाव भी कराए। ऐसे में नवंबर तक घाटशिला में उप चुनाव हो जाएगा।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन का श्राद्ध कार्य को हेमंत सोरेन ने समाप्त किया था कि रामदास सोरेन का स्वर्गवास हो गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के साथ रामदास सोरेन के घोड़ाबांधा आवास आए थे। भाई, पत्नी, बेटा, बेटी और भतीजों से मिल कर उन्हें सांत्वना दी। उसी दौरान उन्हें जानकारी दी गई कि रामदास की जवाबदेही परिवार में सोमेश संभालेंगे।

सोमेश सोरेन राजनीति में बिल्कुल नए चेहरे है। रामदास सोरेन के साथ राजनीतिक गतिविधियों में भतीजे विक्टर सोरेन और मंगल सोरेन सक्रिय रहे है। घाटशिला के गांवों में विक्टर और मंगल को जानने, पहचानने और मानने वाले हैं। उनका परिवार संयुक्त है। इस नाते एका भी बनी हुई है। रामदास सोरेन के दिवंगत होने के बाद सहानुभूति का लाभ उनकी पत्नी या बेटा के ही चुनावी मैदान में उतरने पर अधिक मिलेगा। विक्टर और मंगल की भूमिका भी वास्तव में बड़ी होगी।

अभी यह तय नहीं है कि घाटशिला उप चुनाव में भाजपा का चेहरा कौन होगा। उप चुनाव में समय भी है। पूर्व सीएम चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन ने पिछली बार रामदास सोरेन के खिलाफ चुनाव लड़ा था। उनकी चर्चा अधिक है। उनके करीबी सक्रिय भी दिख रहे है।
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व घाटशिला विधानसभा क्षेत्र से तीन बार चुनाव जीत चुके प्रदीप कुमार बलमुचू पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं। बलमुचू का आज भी घाटशिला में मजबूत जनाधार है। बलमुचू से लड़कर ही रामदास सोरेन ने घाटशिला सीट झामुमो के पाले में डाला था।

करो या मरो के बनते दिख रहे हालत

झारखंड की राजनीति के जानकार वरिष्ठ पत्रकार अश्विनी रघुवंशी बताते हैं कि अगर बारीकी से देखे तो घाटशिला की राजनीति में करो या मरो के हालात बनते दिख रहे है। झारखंड का गठन होने के बाद घाटशिला और प्रदीप बालमुचू एक दूसरे के पर्याय बने हुए थे। कोई सोच नहीं सकता था कि वहां तीर कमान के लिए जगह भी बन सकती है। पुराना चुनावी इतिहास भी झामुमो के हक में नहीं दिखता था। ऐसे प्रतिकूल हालात में रामदास सोरेन ने घाटशिला की चुनावी राजनीति में जगह बनाई। पहले निर्दल लड़ कर अपना लोहा मनवाया। लोगों को भरोसा हुआ तो अगली बार झामुमो के टिकट पर पहली बार घाटशिला में परचम लहराया।

झारखंड की पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक वक्त गुजार चुके अश्विनी रघुवंशी कहते है कि ऊपर की इतनी कहानी बताने का आशय यह है कि सोमेश सोरेन को पिता की विरासत को आगे बढ़ाना है तो जमीनी स्तर पर लगातार काम करना होगा, लगातार करना होगा, वह भी विनम्र भाव के साथ। सोमेश सोरेन को उप चुनाव जीतना ही होगा वरना आगे राजनीति में टिके रहना बेहद मुश्किल होगा। उतनी ही कठिन होगी वापसी। संभावना है कि चम्पई पुत्र बाबूलाल सोरेन को फिर से भाजपा का टिकट मिले। उतना तगड़ा दावेदार फिलहाल कोई और नहीं दिखता। सहानुभूति के माहौल में चुनाव लड़ना वैसे भी आसान नहीं होता। यदि चुनाव में हार होती है तो बाबूलाल के लिए घाटशिला में आगे की चुनावी राह बेहद पथरीली हो जाएगी।

अश्विनी रघुवंशी बताते है कि रामदास सोरेन जमीनी नेता रहे हैं। लंबी नाकामी देखी। हार नहीं मानना और मंजिल पाने की जिद से उन्हें मुकाम हासिल हुआ। उनके पुत्र सोमेश को सियासत में बहुत कुछ सीखना है। अच्छी बात है कि उन पर कोई दाग नहीं है। नया चेहरा है। भाजपा यदि बाबूलाल सोरेन को उम्मीदवार बनाती है तो घाटशिला में कोई आश्वस्त नहीं हो सकता।

हेमंत सोरेन की भरपूर कोशिश होगी कि घाटशिला का किला फतह करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं रखी जाय। हेमंत सोरेन समेत झामुमो में सब जानते है कि तनिक भी मौका मिला तो चंपई चूकेंगे नहीं।

वीर सिंह सुरीन का होगा बड़ा किरदार

झारखंड आंदोलनकारी वीर सिंह सुरीन। सरायकेला के रहने वाले है। सियासत पूरे कोल्हान की है। नेताओं के साथ आम लोगों की नब्ज पकड़ने की गजब की काबिलियत है। माओवादी हिंसा में मारे गए पूर्व सांसद स्वर्गीय सुनील महतो के सांसद प्रतिनिधि थे। कमाल किया। रामदास सोरेन दूसरी बार विधायक बने तो वीर सिंह सोरेन को खुद से जोड़ लिए। कारण भी है, ईमानदार के साथ जानकार, वफादार और मददगार। सोमेश का अर्थ है चंद्रमा। चंद्रमा को अपनी चांदनी बिखेरने के लिए पीछे से प्रकाश चाहिए। वीर सिंह सुरीन सरीखे रामदास सोरेन के लिए परदे के आगे और पीछे से काम करने वाले कुछ शुभचिंतकों की भूमिका भविष्य में बेहद अहम होगी।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Follow on Google News
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

उंगलियों के सहारे बड़े-बड़े जोड़-घटाव, गुणा-भाग करना मानसिक संतुलन और एकाग्रता की पहचान है: शिव शंकर सिंह

April 19, 2026

सम्राट चौधरी का विपक्ष पर बड़ा हमला: महिला आरक्षण पर नारी शक्ति के साथ हुआ धोखा

April 19, 2026

Delhi-Dehradun Expressway : बिना टैक्स दिए फर्राटे से दौड़ रहे वाहन

April 19, 2026

RECENT ADDA.

उंगलियों के सहारे बड़े-बड़े जोड़-घटाव, गुणा-भाग करना मानसिक संतुलन और एकाग्रता की पहचान है: शिव शंकर सिंह

April 19, 2026

भागलपुर के दो सगे भाइयों ने रचा इतिहास: एक साथ SSC परीक्षा में पाई सफलता

April 19, 2026

सम्राट चौधरी का विपक्ष पर बड़ा हमला: महिला आरक्षण पर नारी शक्ति के साथ हुआ धोखा

April 19, 2026

निर्मली में डिजिटल जालसाजी का भंडाफोड़: फोटो स्टूडियो पर छापेमारी, एक गिरफ्तार

April 19, 2026

किशनगंज SDPO ऑफिस में संदिग्धों की एंट्री, थार समेत तीन हिरासत में

April 19, 2026
Today’s Horoscope
© 2026 Public Adda. Designed by Launching Press.
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Adsense

Home

News

Web Stories Fill Streamline Icon: https://streamlinehq.com

Web Stories

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.