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Health News: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां शरीर और मन दोनों पर तनाव हावी है, वहीं योग एक शक्तिशाली समाधान बनकर सामने आता है। ‘एक पाद गलवासन’ (Eka Pada Galavasana) या ‘फ्लाइंग पीजन पोज’ ऐसा ही एक असाधारण योगासन है, जो न सिर्फ शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि मन की एकाग्रता और मानसिक संतुलन को भी बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
भले ही यह एक कठिन योगासन माना जाता है, लेकिन नियमित अभ्यास से इसे आसानी से सीखा जा सकता है। इस आसन में शरीर का सारा भार हाथों पर संतुलित होता है, जबकि एक पैर जमीन से ऊपर हवा में उठा होता है। यह मुद्रा कूल्हों को खोलती है और भुजाओं तथा कोर (Core) की मांसपेशियों को जबरदस्त मजबूती देती है।
पाचन तंत्र से लेकर स्टैमिना तक, कई हैं लाभ
‘एक पाद गलवासन’ के नियमित अभ्यास से शारीरिक लचीलापन और स्टैमिना मजबूत होता है। साथ ही, यह कमर दर्द और शरीर में होने वाली जकड़न को भी दूर रखने में सहायक है। मानसिक स्वास्थ्य पर इसका सीधा असर होता है, क्योंकि यह रक्त संचार को बढ़ाकर मानसिक शांति प्रदान करता है।
पाचन तंत्र के लिए भी यह योगासन बेहद फायदेमंद है, क्योंकि इसे करने के दौरान पेट की मांसपेशियों की मालिश होती है। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा (MDNIY) इसे करने की सरल विधि बताता है: सीधे खड़े हों, एक पैर को दूसरे पर मोड़ें और हाथों के बल पर नीचे बैठकर शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं। हालांकि, एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि कलाई में चोट या किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

