India News: प्रवर्तन निदेशालय ( ED ) ने बुधवार सुबह वसई-विरार क्षेत्र में मनी लॉन्ड्रिंग के एक गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई वसई-विरार में अवैध रूप से बनाई गई 41 बहुमंजिला इमारतों से जुड़ी बताई जा रही है, जिनमें हजारों लोग बेघर हो चुके हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बहुजन विकास अघाड़ी पार्टी के पूर्व पार्षद सीताराम गुप्ता पर आरोप है कि उन्होंने वसंत नगरी क्षेत्र के सर्वे नंबर 22 और 30 के बीच के भूखंडों पर नियमों की अनदेखी करते हुए 41 अवैध इमारतें खड़ी करवा दीं। इन इमारतों में बनाए गए फ्लैटों को सामान्य ग्राहकों को बेच दिया गया, जबकि वह जमीन डम्पिंग ग्राउंड और एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के लिए आरक्षित थी।
इसके अलावा, कुछ भूखंड जिन पर निर्माण कार्य हुआ था, वह जमीन अन्य व्यक्तियों के नाम पर थी। जब यह मामला प्रकाश में आया, तो असली जमीन मालिकों ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट के आदेश पर वसई-विरार नगर निगम ने इन इमारतों को गिरा दिया, जिससे लगभग ढाई हजार लोग बेघर हो गए।
इस प्रकरण में धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) की आशंका को देखते हुए ED ने सीताराम गुप्ता के खिलाफ जांच शुरू की और बुधवार को 13 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। हालांकि अभी तक ED की ओर से आधिकारिक रूप से छापेमारी से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
यह मामला रियल एस्टेट घोटाले, जनता की गाढ़ी कमाई की ठगी और राजनीतिक भ्रष्टाचार का संगीन उदाहरण बनकर सामने आया है। ED की इस कार्रवाई से वसई-विरार क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।



