India News: राजस्थान में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर स्थित जैसलमेर में पकड़े गए चांधन फिल्ड फायरिंग रेंज के DRDO गेस्ट हाउस के संविदा मैनेजर महेंद्र प्रसाद को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करने के आरोप में पूछताछ के बाद अब गिरफ्तार कर लिया गया है। वह पाकिस्तानी हैंडलर को DRDO वैज्ञानिकों और भारतीय सेना के अधिकारियों से जुड़ी सूचनाएं भेज रहा था। उसे गिरफ्तार करने से पहले कई सुरक्षा एजेंसियों ने लंबी पूछताछ की थी। सब बातों की पुष्टि होने के बाद से गिरफ्तार किया गया है।

सीआईडी इंटेलिजेंस ने 4 अगस्त को संदिग्ध महेंद्र प्रसाद को पकड़ा था। उसके पास दो मोबाइल मिले थे। उसके बाद उसे जयपुर के केंद्रीय पूछताछ केंद्र में लाकर विभिन्न खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर पूछताछ की गई। उसके मोबाइल फोन की तकनीकी जांच कराई गई। उसमें पुष्टि हुई कि उसने DRDO और भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तानी हैंडलर को दी थी। इस पर महेंद्र प्रसाद के खिलाफ मंगलवार को शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत मुकदमा दर्ज कर सीआईडी इंटेलिजेंस ने उसे जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

महानिरीक्षक पुलिस सीआईडी (सुरक्षा) डॉ विष्णुकांत ने बताया कि राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस विदेशी एजेंटों की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इस दौरान पता चला कि उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी महेंद्र प्रसाद (32) सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के संपर्क में है। वह चांधन फायरिंग रेंज में मिसाइल और हथियारों के परीक्षण के लिए आने वाले DRDO वैज्ञानिकों तथा भारतीय सेना के अधिकारियों की गोपनीय जानकारी पाकिस्तानी हैंडलर को भेज रहा था। भारत-पाक बॉर्डर पर जैसलमेर में इससे पहले भी कई पाकिस्तानी जासूसों को पकड़ा जा चुका है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद वहां DRDO गेस्ट हाउस के मैनेजर महेन्द्र प्रसाद के अलावा दो अन्य जासूसों को पकड़ा गया था। इनमें से एक जैसलमेर जिले के दिग्गज कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद का पीए रह चुका था। उससे हुई पूछताछ में भी कई सनसनीखेज खुलासे हुए थे।

Share.
Exit mobile version