Heath News: कई घंटों तक ऑफिस में बैठकर एक ही मुद्रा में रहने से रीढ़ की हड्डी में दर्द होना सामान्य है, जो समय के साथ गंभीर समस्या बन सकता है। ऐसे में योगासन खासकर अर्धचक्रासन, जिसे हाफ व्हील पोज भी कहा जाता है, राहत देने में मददगार साबित होता है।

अर्धचक्रासन का अर्थ है आधा चक्र। इस योगासन में शरीर को इस प्रकार मोड़ा जाता है कि यह आधे पहिए जैसा दिखता है। यह योगासन न केवल रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है, बल्कि मांसपेशियों और नसों को भी लचीला और मजबूत बनाता है।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के मुताबिक, अर्धचक्रासन हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी कारगर है। ये योगासन रक्त संचार को बेहतर बनाता है और तनाव को कम करता है। इसके अलावा, फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने में भी यह सहायक है, जो हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए सुरक्षात्मक प्रभाव रखता है।

सावधानी और अभ्यास का सही तरीका

विशेषज्ञों की सलाह है कि जिन्हें चक्कर या संतुलन की समस्या है, वे इस योगासन का अभ्यास न करें। हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग इसे धीरे-धीरे और डॉक्टर की सलाह के बाद ही करें। अर्धचक्रासन का नियमित अभ्यास शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है, बशर्ते इसे सही तकनीक और सतर्कता से किया जाए।

इस योगासन के आदर्श अभ्यास से न केवल रीढ़ की हड्डी में मजबूती आती है, बल्कि यह मस्तिष्क को भी शांतिपूर्ण रखता है, जिससे दैनिक जिंदगी में तनाव कम होता है।

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