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Dhanbad News: धनबाद के केंदुआडीह थाना क्षेत्र में बीते दो दिनों से फैली जहरीली गैस ने पूरे इलाके का माहौल भय से भर दिया है। चिल्ड्रन पार्क के पास राजपूत बस्ती में अचानक लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी- किसी को चक्कर, किसी को आंखों में जलन, तो कोई दम घुटने की शिकायत लेकर बाहर भाग रहा था। इसी बीच बुधवार रात प्रियंका देवी और गुरुवार सुबह ललिता देवी की संदिग्ध मौत ने हालात और खतरनाक कर दिए।
स्थानीय लोगों का दावा है कि ये मौतें सीधे–सीधे उस जहरीली गैस की वजह से हुई हैं जो बंद पड़ी भूमिगत केंदुआडीह कोलियरी के 13 और 14 नंबर सिम से निकल रही है। प्रशासन फिलहाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कह रहा है, लेकिन लोगों के आक्रोश पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
सड़क पर उतर आया गुस्सा, जाम से ठप आवागमन
गुरुवार दोपहर स्थिति उस वक्त बिगड़ गई जब सैकड़ों ग्रामीण अचानक धनबाद–रांची मुख्य मार्ग पर उतर आए और सड़क जाम कर दी। टायर जलाकर लोगों ने बीसीसीएल और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाए। उनका कहना है कि दो दिनों से गैस की बदबू फैल रही थी, लेकिन प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई।
करीब 10 हजार की आबादी वाले इलाके – राजपूत बस्ती, मस्जिद मोहल्ला और ऑफिसर कॉलोनी – में दहशत का माहौल है। कई परिवार घर छोड़कर रिश्तेदारों के पास चले गए हैं, जबकि बाकी लोग लगातार प्रशासन के तंबू–कैंपों के चक्कर काट रहे हैं।
कार्रवाई के वादे, लेकिन भय बरकरार
जाम की सूचना मिलते ही पुलिस, सिविल डिफेंस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कहा कि गैस रिसाव के स्रोत को चिह्नित कर बंद करने के लिए तकनीकी टीम तैनात कर दी गई है। प्रभावित लोगों की सेहत की जांच भी कराई जा रही है। लेकिन लोगों को भरोसा नहीं मिल रहा। वे पुनर्वास, मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
फिलहाल इलाके में दहशत जस की तस है। लोग कह रहे हैं – “जब तक गैस पूरी तरह बंद नहीं होगी और मौतों की सच्चाई सामने नहीं आएगी, चैन से नहीं बैठेंगे।”

