India News: दिल्ली में लाल किले के पास हुए आई-20 कार विस्फोट की जांच अब नए मोड़ ले रही है। एजेंसियों को पूछताछ के दौरान ऐसी जानकारियाँ मिली हैं, जिनसे पूरा मामला और जटिल हो गया है। मुख्य संदिग्ध मुजम्मिल से हुई पूछताछ में हवाला रूट, जैश-ए-मोहम्मद और कार चलाने वाले आतंकी उमर उन नबी के बीच वित्तीय कड़ियां जुड़ती दिखाई दे रही हैं।

हवाला के जरिए आया पैसा, उर्वरक खरीद का खुलासा

सूत्रों के मुताबिक मुजम्मिल ने सामने स्वीकार किया कि डॉक्टरों के एक समूह को करीब 20 लाख रुपये मिले थे। शक है कि ये रकम जैश-ए-मोहम्मद के नेटवर्क से आई। बताया जा रहा है कि रकम एक हैंडलर के जरिए हवाला चैनल से भेजी गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि इसी पैसे में से लगभग तीन लाख रुपये उर्वरक खरीदने पर खर्च किए गए थे। अमोनियम नाइट्रेट की बड़ी खेप फरीदाबाद में छापे के दौरान बरामद हुई थी—जो विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होती है।

एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उमर, मुजम्मिल और एक अन्य आरोपी महिला डॉक्टर शाहीन के बीच पैसे का प्रवाह किस तरह चलता था। सूत्र बताते हैं कि उमर और शाहीन के बीच फंड को लेकर तनाव भी था, और यह विवाद अब जांच का अहम हिस्सा बन गया है।

10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के बाहर खड़ी सफेद आई-20 कार में जोरदार विस्फोट हुआ था। घटना में 12 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि विस्फोट के वक्त वही कार उमर चला रहा था।

यह धमाका उस समय हुआ जब फरीदाबाद में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने 2,900 किलो विस्फोटक सामग्री, जिसमें अमोनियम नाइट्रेट भी था, जब्त किया था। अब दोनों घटनाओं को जोड़कर देखा जा रहा है।

जांच एजेंसियों ने कई हवाला डीलरों को हिरासत में लिया है और फंडिंग चैन की पूरी जांच जारी है। पूरा मामला राजधानी की सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

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