India News: दिल्ली के लाल किला इलाके में सोमवार, 10 नवंबर की शाम आई-20 कार में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह विस्फोट डॉ. उमर द्वारा अंजाम दिए गए आत्मघाती हमले का नतीजा था। इस हमले में 12 से अधिक निर्दोष लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए।
जांच एजेंसियों का दावा है कि 6 दिसंबर को देश के चार बड़े शहरों में धमाके करने की साजिश रची गई थी, लेकिन योजना भांप लिए जाने के बाद उमर ने जल्दबाजी में दिल्ली हमला कर दिया।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस हमले की कड़ियां महाराष्ट्र से भी जुड़ती हैं? एजेंसियां खास तौर पर ठाणे जिले की भूमिका की जांच कर रही हैं।
कल्याण और मुंब्रा के दो युवक फिर रडार पर
जांच की दिशा तब बदली जब एजेंसियों ने उन दो युवकों की फाइलें फिर खोल लीं, जिन्हें 9 सितंबर 2025 को दिल्ली स्पेशल सेल ने हिरासत में लिया था।
कल्याण निवासी आफताब कुरैशी और मुंब्रा निवासी सुफियान शेख को आईएसआईएस से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पकड़ा गया था।
सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों की कार्यप्रणाली और गतिविधियों का पैटर्न लाल किला कार धमाके में उजागर हुई साजिश से काफी मिलता-जुलता है। इसी वजह से दोनों को दोबारा पूछताछ के लिए लाया जा सकता है।
एजेंसियों को शक है कि संभवतः उमर ने ठाणे नेटवर्क का इस्तेमाल कर देशभर में धमाकों की योजना बनाने की कोशिश की थी। हालांकि अभी जांच शुरुआती दौर में है और कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
राष्ट्रीय एजेंसियां सक्रिय, कई पुराने केस फिर खुले
केंद्रीय जांच एजेंसियों ने स्पष्ट कर दिया है कि इस हमले की जड़ तक पहुंचने के लिए महाराष्ट्र में पहले पकड़ चुके आतंकवाद-संबंधी मामलों के आरोपियों से भी दोबारा पूछताछ होगी। जांच एजेंसियों का मानना है कि आईएसआईएस मॉड्यूल अक्सर राज्यों के बीच नेटवर्क बनाकर काम करते हैं, इसलिए किसी भी कड़ी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
देशभर में फैले इस मॉड्यूल की सच्चाई क्या है, यह आने वाले दिनों में जांच की दिशा तय करेगी। दिल्ली धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हैं और सभी संभावित लिंक पर काम कर रही हैं।



