अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
Jharkhand News: झारखंड के देवघर जिले के सारवां थाना क्षेत्र के मणिगढ़ी गांव में 11 वर्षीय एक बच्चे की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतक प्रीतम कुमार की पहले सांप के काटने से मौत मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था, लेकिन अब उसकी हत्या की आशंका के बाद पुलिस ने शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
प्रीतम के पिता राजेश यादव ने बताया कि उनका बेटा अपने दोस्तों के साथ गांव के ही गोनू झा नामक व्यक्ति के बागान में आम तोड़ने गया था। उसी दौरान बागान मालिक वहां पहुंचा और बच्चों को भागते देख लिया। सभी बच्चे भाग निकले, लेकिन प्रीतम पेड़ पर ही रह गया।
राजेश यादव के अनुसार, गोनू झा ने उसे पकड़कर पहले बुरी तरह पीटा और फिर गर्दन दबाकर ज़मीन पर पटक दिया। इसके बाद जब उसे होश में लाने की कोशिश की गई, तो वह पहले ही दम तोड़ चुका था। आरोप है कि गोनू झा ने शव को बागान के बाहर सड़क पर फेंक दिया और यह बात फैल गई कि बच्चे की मौत सांप के काटने से हुई है।
परिजनों ने पहले किसी प्रकार का संदेह नहीं जताया और शव को दफना दिया। लेकिन अगले दिन मृतक के छोटे भाई ने सच्चाई बताई कि गोनू झा ने ही मारपीट की थी। इसके बाद गांव वालों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।

