Darjeeling: यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (DHR) ने अपने 145 साल के सफर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 55 वर्षीय सरिता योलमो इस प्रतिष्ठित रेलवे खंड की पहली महिला ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (TTI) बन गई हैं। उन्हें दार्जिलिंग की मशहूर ‘हेरिटेज जंगल सफारी टॉय ट्रेन’ में तैनात किया गया है, जो दुनिया भर के पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र रहती है।
8 घंटे का सफर और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी
पारिवारिक जुड़ाव: पति भी थे रेलवे में इंजीनियर
सरिता का दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे से पुराना और गहरा रिश्ता है। उनके पति, डी योलमो, इसी विभाग में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे और एक साल पहले ही सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी बेटी विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही है। मूल रूप से दार्जिलिंग की रहने वाली सरिता पहले इस ट्रेन में बतौर यात्री सफर करती थीं, लेकिन अब उसी ट्रेन में टिकट चेकिंग की कमान संभालना उनके लिए गौरव की बात है।
प्रेस से कमर्शियल विभाग तक का सफर
दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे के निदेशक रिषभ चौधरी ने बताया कि सरिता ने अपने करियर की शुरुआत रेलवे प्रेस से की थी। प्रेस इकाई बंद होने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और खुद को कमर्शियल विभाग के अनुसार ढाला। उनकी निष्ठा और सहजता को देखते हुए उन्हें न्यू जलपाईगुड़ी में टीटीई की नई जिम्मेदारी सौंपी गई। नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने भी इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
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