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Ranchi News: परिवार और समाज में जब विवाद गहराता है, तो रिश्ते टूटने के कगार पर पहुंच जाते हैं। लेकिन संवाद और समझदारी से इन्हें फिर से जोड़ा जा सकता है। इसका ताज़ा उदाहरण मध्यस्थता केंद्र रांची में देखने को मिला, जहां चार साल से लंबित पारिवारिक विवाद का समाधान हुआ।
यह मामला ओ.एम. वाद संख्या 457/2023 था, जिसे माननीय अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय-2 श्री राजेश कुमार सिंह ने मध्यस्थता केंद्र को भेजा था। डालसा सचिव श्री रवि कुमार भास्कर ने इस मामले को अधिवक्ता मध्यस्थ अमरेंद्र कुमार ओझा को सौंपा।
प्रथम पक्ष सगुफता आफरीन ने अपने पति फिरोज अंसारी के खिलाफ भरण-पोषण का वाद दायर किया था। दोनों की शादी मुस्लिम रीति-रिवाज से हुई थी, लेकिन आपसी विवाद के कारण बीते 3-4 साल से अलग रह रहे थे। इस दौरान उनका एक बेटा और एक बेटी भी है।
अधिवक्ता मध्यस्थ अमरेंद्र कुमार ओझा और दोनों पक्षों के वकील प्रिंस कश्यप एवं पप्पु कुमार के प्रयास से लगातार 3-4 बैठकों में बातचीत हुई। अंततः पति-पत्नी ने पुरानी कड़वाहट भुलाकर फिर से साथ रहने का निर्णय लिया। दोनों ने यह भी वादा किया कि वे एक-दूसरे और अपने परिवारों का सम्मान करेंगे और बच्चों की परवरिश को प्राथमिकता देंगे।
समझौते के बाद डालसा सचिव श्री रवि कुमार भास्कर ने दोनों पक्षों को बुके देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पति-पत्नी अब अपने मतभेद भूलकर बच्चों की शिक्षा और अच्छे भविष्य पर ध्यान दें।
इस फैसले ने यह साबित कर दिया कि अगर ईमानदारी से प्रयास किए जाएं तो कोई भी विवाद सुलझ सकता है और टूटा परिवार फिर से जुड़ सकता है।

