India News: ओडिशा के कटक शहर में पिछले हफ्ते हुई हिंसा के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। प्रशासन ने मंगलवार को कर्फ्यू में आंशिक ढील दी है, जिससे लोग अब बाजारों और सड़कों पर आम दिनों की तरह निकलने लगे हैं। हालांकि एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाएं मंगलवार शाम तक बंद रहेंगी।

कटक के 13 थाना क्षेत्रों में हुई हिंसक झड़प के बाद 36 घंटे का कर्फ्यू लगाया गया था। यह हिंसा पिछले शुक्रवार को दरघाबाजार इलाके में विसर्जन जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच हुई बहस के बाद भड़क उठी थी। देखते ही देखते पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं शुरू हो गईं, जिसमें करीब 30 दुकानों और कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। इस हिंसा में 25 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।

स्थिति को काबू में करने के लिए कटक में 60 प्लाटून ओडिशा पुलिस और केंद्रीय बलों की 8 कंपनियां — जिनमें सीआरपीएफ और बीएसएफ के जवान शामिल हैं — तैनात की गई हैं। शहर में लगातार गश्त जारी है। पुलिस वज्र वाहन और AK-47 से लैस सुरक्षाकर्मियों के साथ सड़कों पर निगरानी कर रही है ताकि किसी भी अफवाह या उकसावे को रोका जा सके।

कटक जिला प्रशासन ने इंटरनेट बंद करने की सिफारिश की थी, जिसे गृह विभाग ने मंजूरी दी। फिलहाल यह प्रतिबंध सीएमसी, सीडीए और बयालिशी मौजा क्षेत्रों में लागू है। हालांकि बैंक, रेलवे और अन्य जरूरी सरकारी सेवाओं को इससे छूट दी गई है।

इस बीच, क्राइम ब्रांच ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों की पहचान के लिए एक 7 सदस्यीय विशेष टीम बनाई है, जिसका नेतृत्व एक अतिरिक्त एसपी कर रहे हैं। कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए एडीजी, पुलिस आयुक्त, डीआईजी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक की है।

दरघाबाजार थाना आईआईसी की शिकायत पर पुलिस ने दंगाइयों के खिलाफ बीएनएस की कई धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोप है कि उपद्रवियों ने अवैध रूप से शोभायात्रा निकाली, पुलिस पर हमला किया और बाजार में आगजनी की।

फिलहाल शहर में माहौल नियंत्रण में है, लेकिन पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

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